
विजय पटेल
रायबरेली, 22 जून 2026ः
रायबरेली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विरोध में लगाए गए विवादित पोस्टरों से यूपी की सियासत को गरमा दिया है। सपा नेताओं ने इसे सपा मुखिया को बदनाम करने की साजिश बताया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह पोस्टर शहर कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर रातों-रात लगे हैं।
पोस्टरों में समाजवादी पार्टी और यादव समाज को लेकर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी गई हैं। पोस्टरों में लिखा है लाल टोपी, साइकिल निशान यादववाद इनकी पहचान, सिपाही हो या लेखपाल एक जाति हुई मालामाल, पीडीए है नाम का भाई, यादववाद है अपनी कमाई, समाजयादव पार्टी जैसे स्लोगन लिखे हैं। इसके अलावा कुछ में पुराने समाचारों की कटिंग लगाकर जातिवाद और नियुक्तियों से जुड़े आरोपों को उछाला गया है। पोस्टरों में लिखे स्लोगन को लेकर नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।

पार्टी जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र यादव का कहना है कि अखिलेश यादव के राम मंदिर दान चोरी का मुद्दा उठाने के बाद से बीजेपी अपनी साख बचाने के लिए में जुटी हैं। उसी को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को बदनाम करने के लिए इस तरह के विवादित पोस्टर लग रहे हैं। वहीं, सपा के बछरावां के विधायक श्याम सुंदर भारती का कहना है कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और 2027 में सपा की सरकार बनने की आहट से बीजेपी घबराई हुई है।
विधायक ने कहा कि इसीलिए बीजेपी अखिलेश यादव को बदनाम करने के लिए इस तरह की साजिश कर रही है। उन्होंने बताया कि जिला अध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने एसपी से मिलकर पूरे मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।






