
योगेंद्र मलिक
हरिद्वार, 22 जून 2026ः
वन और पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों में होने वाली कचरा डंपिंग को लेकर प्रशासन ने कमर कसी है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए सीडीओ ने कलेक्ट्रेट में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत व खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कचरा स्थलों का निरीक्षण कर फोटो रिपोर्ट के साथ डीएम कार्यालय भेजें।
सीडीओ ने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन की रिपोर्ट स्वच्छता कंट्रोल रूम और जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने नगर निगम हरिद्वार व रुड़की सहित सभी नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था सुनिश्चित करने व गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहण करने को कहा। साथ ही कचरा फेंकने के संवेदनशील स्थलों की पहचान कर स्थायी समाधान निकालें। विरासत अपशिष्ट डंपसाइटों के वैज्ञानिक उपचार, प्रत्येक वार्ड में आरआरआर (रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल) केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी को सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के माध्यम से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और प्लास्टिक मुक्त अभियान संचालित करने को कहा गया। वहीं, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज कल्याण विभाग को जन-जागरूकता अभियान चलाने, वार्ड स्तरीय स्वच्छता समितियों के गठन में सहयोग देने और जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा गया है।
सीडीओ ने वन विभाग एवं उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वन क्षेत्रों, नदी तटों, राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमाओं और अन्य पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों में कचरा डंपिंग रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकृत और अनधिकृत कचरा स्थलों का नियमित निरीक्षण कर फोटोग्राफिक साक्ष्य सहित रिपोर्ट डीएम कार्यालय को भेजें। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






