
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 22 जून 2026ः
प्राथमिक शिक्षक संघ ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने मांगों का समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में एकत्रित शिक्षकों ने सोमवार को सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर कूच किया। हालांकि सचिवालय से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उनको रोक दिया। इस पर शिक्षकों ने वहीं सड़क पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया।
शिक्षक संघ के नेताओं ने कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षक उस समय सरकार द्वारा निर्धारित सभी अहर्ताओं को पूरा कर, निर्धारित परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के बाद ही सेवा में आए थे। ऐसे में अब सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता थोपना उनकी दक्षता, कार्यक्षमता और सम्मान के साथ अन्याय है।
उन्होंने मांग की कि शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए। साथ ही संघ ने पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली और गोल्डन कार्ड की खामियों को दूर करने की भी मांग उठाई। बाद में संघ के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की।

प्रदर्शनकारियों में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष देहरादून धर्मेंद्र सिंह रावत, प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य दिगंबर नेगी, किशोर जोशी, मनोज जुगरान, मनोज तिवारी समेत सभी जनपद के जिला अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, जनपद देहरादून के विकासखंड रायपुर के अध्यक्ष अरविन्द सोलंकी, मंत्री बिनोद असवाल, कोषाध्यक्ष प्रशांत सकलानी, प्रचार मंत्री सुनीता रावत, रविन्द्र नाथ उपाध्याय विकास नगर की अध्यक्ष मधु पटवाल, कालसी के अध्यक्ष पीतांबर तोमर, डोईवाला के अध्यक्ष नरेंद्र सागर आदि शामिल रहे।






