
लखनऊ, 24 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित तीन मंजिला बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद आखिरकार लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की नींद टूटी और वह एक्शन मोड में आया है। हादसे के बाद जनसुरक्षा को लेकर एलडीए ने शहरभर में विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को हजरतगंज समेत विभिन्न इलाकों में एलन इंस्टीट्यूट सहित कई कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की जांच की गई।
इससे पहले एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सभी जोनल अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि शहर में संचालित कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाए। विशेष रूप से आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।
उपाध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसी भवन में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण, अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अन्य गंभीर अनियमितताएं मिलती हैं तो ऐसे भवनों को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी।

एलडीए के अनुसार यह विशेष अभियान बुधवार से शहर के सभी जोनों में एक साथ शुरू किया गया है और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। अभियान के दौरान उन संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। खासकर कोचिंग संस्थानों में यह देखा जाएगा कि भवन अग्निशमन विभाग के निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था है या नहीं तथा भवन स्वीकृत मानचित्र के अनुसार संचालित हो रहा है या नहीं।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने यह भी निर्देश दिए कि कोचिंग, नर्सिंग होम और होटल संचालकों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें भवन निर्माण मानकों, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन और आपातकालीन निकास जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक किया जाए। अलीगंज अग्निकांड के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई को राजधानी में अवैध और असुरक्षित व्यावसायिक भवनों पर अब तक की सबसे बड़ी सख्ती माना जा रहा है।






