
योगेंद्र मलिक
पौड़ी गढ़वाल, 24 जून 2026ः
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास की हकीकत जानने के लिए डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को रिखणीखाल विकासखंड का भ्रमण किया। उन्होंने ताड़केश्वर महादेव मंदिर से लेकर दुर्गम ग्राम मेंदणी तक विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की समीक्षा की। साथ ही ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
डीएम सबसे पहले ताड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर समिति व पुजारियों से मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता की जानकारी ली। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मंदिर मार्ग, पार्किंग, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की। इस पर डीएम ने मंदिर मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने, शौचालय, बेंच और साइनेज विकसित करने के निर्देश दिए।
स्वाति एस. भदौरिया ने देवियोंखाल में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित मातृशक्ति आजीविका आउटलेट का उद्घाटन किया। महिलाओं से संवाद कर उनके उत्पादों, आय और विपणन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधा विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

डीएम के मेंदणी गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल-दमाऊं और लोकगीतों के साथ उनका स्वागत किया। ग्रामीणों के कहा कि पहली बार कोई डीएम गांव पहुंचा। जन चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क, पेंशन और शिक्षा जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए स्वाति एस. भदौरिया ने जल निगम को 10 दिनों के भीतर जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने डाबरी क्षेत्र में 10 जुलाई तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। ग्रामीणों की मांग पर गांव में ओपन जिम और प्रवेश द्वार निर्माण को स्वीकृति देने के साथ कृषि विभाग को घेरबाड़ का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
डीएम ने ढाबखाल स्वास्थ्य उपकेंद्र और शहीद हरेन्द्र सिंह रावत मेमोरियल सीएचसी, रिखणीखाल का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इमरजेंसी कक्ष की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए तत्काल मरम्मत कराने को कहा। तहसील रिखणीखाल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं, अभिलेखों के डिजिटलीकरण और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्देश दिया।






