
लखनऊ, 25 जून 2026:
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के सामने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पेश हुए। उन्होंने एसआईटी प्रमुख और लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को कई दस्तावेज सौंपते हुए दावा किया कि इनमें भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े अहम सबूत मौजूद हैं।
संजय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि यदि किसी के पास मामले से जुड़े साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसी को सौंपना चाहिए। इसी अपील के बाद उन्होंने अपने पास मौजूद दस्तावेज एसआईटी को उपलब्ध कराए हैं। करीब आधे घंटे से ज्यादा चली मुलाकात में संजय सिंह ने जांच दल के सामने बिंदुवार तरीके से अपने आरोप रखे।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में ऐसे तथ्य शामिल हैं जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। उनके मुताबिक अगर निष्पक्ष जांच की गई तो पूरे मामले की कई परतें खुल सकती हैं। आप सांसद ने कहा कि उन्होंने पहले भी अतिरिक्त दस्तावेज और साक्ष्य पेश करने के लिए समय मांगा था। जांच दल की ओर से उन्हें पूरा अवसर देने का भरोसा दिया गया था। उन्होंने बताया कि एसआईटी अध्यक्ष ने स्वयं उनसे संपर्क कर जांच में सहयोग के लिए बुलाया था।
संजय सिंह का कहना है कि उनके पास मौजूद दस्तावेज भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट संकेत करते हैं। उन्होंने जांच एजेंसी को सभी उपलब्ध तथ्य सौंप दिए हैं और आगे की कार्रवाई अब जांच टीम और सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। मुलाकात के दौरान विजय विश्वास पंत ने दस्तावेज लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। संजय सिंह ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब सभी पक्षों के पास मौजूद तथ्य और साक्ष्य जांच एजेंसी तक पहुंचें।






