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चंपत राय : आरोप-सफाई-किरकिरी और कार्यक्रमों से दूरी, FIR व गिरफ्तारी के बाद तोड़ा ट्रस्ट से नाता

अयोध्या स्थित राममंदिर में चढ़ावे की रकम पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इसी माह उठाए थे सवाल, एसआईटी की जांच में संदिग्ध मिले टिन्नू से रिश्तों पर घिर गए थे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, संदिग्ध टिन्नू व अन्य नामजदों की गिरफ्तारी के बाद ट्रस्ट से दूर हुए सदस्य अनिल मिश्रा व चंपत राय

लखनऊ, 26 जून 2026:

अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि मंदिर से जुड़ा करोड़ों का चढ़ावा घोटाला आरोपों के दायरे से निकलकर अव कार्रवाई के मुकाम पर आ गया है। इस पूरे प्रकरण में सबसे चर्चित नाम ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का रहा। हालांकि वो एफआईआर और गिरफ्तारी से दूर हैं लेकिन सपा मुखिया के घोटाले वाले आरोप के दूसरे दिन ही सफाई देने वाले चंपत राय को मंदिर के कार्यक्रम से भी दूरी बनानी पड़ी। फिलहाल जमकर हो रही किरकिरी के बाद उन्होंने ट्रस्ट से नाता भी तोड़ लिया है। चंपत राय व ट्रस्ट के एक सदस्य अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा से दिया है।

बता दें कि राममंदिर से जुड़ा चढ़ावा घोटाला इसी माह सामने आया था। दरअसल सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गत सात जून को अपने एक्स अकाउंट से कहा था ‘समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है। ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है। न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।
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इसके बाद आठ जून को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने चुप्पी तोड़ी। चंपत राय ने अपने फेसबुक अकाउंट से कहा था ‘सज्जनों श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अपने भिन्न भिन्न कार्यों का audit समय समय पर करता रहता है। हुंडी counting कमरे का audit भी होता है। हुंडी counting कमरे का audit राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी गण,कार्यकर्ता, state bank के कर्मचारी मिलकर करते हैं। ये कार्य कई दिनों तक चलता है यही कार्य आज कल हो रहा है कोई भी उल्लेखनीय बात अभी तक किसी के भी ध्यान में नहीं आयी है, धन्यवाद।
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मामला तूल पकड़ता रहा। संत व जनप्रतिनिधियों ने भी सवाल उठाए। प्रकरण लगातार सुर्खियां बटोर रहा था। राम मंदिर चढ़ावा से जुड़े घपले में संदिग्ध बनकर उभरा रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम चंपत राय की गले की फांस बन ज्ञाया। टिन्नू उनका पुराना ड्राइवर बताया गया। हालांकि टिन्नू ने भी वीडियो संदेश जारी कर सफाई दी थी। इस बीच सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लेकर एसआईटी बनाई और दूध का दूध पानी का पानी होने की बात कही।

योगी के फरमान पर एसआईटी के एक्शन में आते ही संदिग्धों को सांप सूंघ गया। दस्तावेज, बैंक लेनदेन, चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया, उससे जुड़े वर्तमान व पुराने लोग सब खंगाले गए। इसके बाद शासन को रिपोर्ट सौंप दी गई। इसी बीच 23 जून को रामजन्मभूमि मंदिर परिसर के शेषावतार मंदिर में ध्वज पूजन का अवसर आया। इस कार्यक्रम में दोनों डिप्टी सीएम के आने की चर्चा थी। वहीं नजर चंपत राय की मौजूदगी पर टिकी थी। फिलहाल न डिप्टी सीएम आए न चंपत राय दिखे। शेषावतार मंदिर के शिखर पर आज अयोध्या धाम के 11 संतों ने पूजन कर ध्वज आरोहित करवाया।
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फिलहाल कल तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर आठ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई। सभी नामजद गिरफ्तार भी कर लिए गए। इसके बाद आज चंपत राय व ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा से दिया। राम मंदिर निर्माण समिति ने इस इस्तीफे की पुष्टि भी कर दी है।

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