Lucknow City

15 छात्रों की मौत के बाद सतर्कता : अब बिना फायर सेफ्टी के नहीं चलेंगे स्कूल-कोचिंग, LDA की चेतावनी

लखनऊ के संस्थानों को अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा के कड़े नियम बताए गए, 29 जून से हेल्प डेस्क पर सील खुलवाने का मिलेगा मौका, मानक पूरे नहीं होने पर कार्रवाई

लखनऊ, 28 जून 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित बहुमंजिला भवन में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद शासन-प्रशासन सतर्क हुआ है। ऐसे हादसों से बचाव के लिए अब स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इस क्रम में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर के विभिन्न स्कूलों और कोचिंग संचालकों के साथ एक विशेष कार्यशाला आयोजित कर सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

कार्यशाला में अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से संस्थानों में अपनाए जाने वाले अग्नि सुरक्षा उपायों को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। विशेष रूप से निर्देश दिए गए कि सभी संस्थानों में अच्छी गुणवत्ता की विद्युत वायरिंग हो। किसी भी प्रकार की ओवरलोडिंग से बचा जाए तथा नियमित रूप से विद्युत व्यवस्था की जांच कराई जाए। इसके साथ ही भवनों में आपातकालीन निकासी मार्ग पूरी तरह अवरोध मुक्त रखने और अग्निशमन उपकरणों को उचित स्थान पर स्थापित कर उनकी नियमित फिटनेस जांच कराने के निर्देश भी दिए गए।

एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अग्नि सुरक्षा नियमों और आपात स्थिति में बचाव के तरीकों की भी जानकारी दी जानी चाहिए जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में वे स्वयं को सुरक्षित रख सकें। उन्होंने बताया कि सभी आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों के लिए अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन संबंधी शपथपत्र अब अनिवार्य कर दिया गया है। किसी संस्थान में मानकों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक के दौरान कुछ कोचिंग संचालकों ने शिकायत की कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने के बावजूद उनके संस्थान सील कर दिए गए। इस पर सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि एलडीए के कमेटी हॉल में 29 जून को सुबह 10 बजे से हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। उस पर संस्थान के संचालक भवन का मानचित्र एवं सुरक्षा संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत कर सील खोलने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

उन्होंने आश्वासन दिया कि 24 से 72 घंटे के भीतर प्रकरण का परीक्षण कर मानक सही पाए जाने पर भवन को सीलमुक्त कर दिया जाएगा। कुछ संचालकों ने यह भी तर्क दिया कि वे किराये के भवन में संस्थान संचालित करते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी भवन मालिक की होनी चाहिए। इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि संस्थान में आने वाले विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संचालकों की भी समान जिम्मेदारी है।

कार्यशाला में एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह, सोमकमल सीताराम तथा अग्निशमन, शिक्षा, विद्युत सुरक्षा एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

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