
एंटरटेनमेंट डेस्क, 28 जून 2026:
बॉलीवुड में फिल्मों की बढ़ती लागत को लेकर सितारों की फीस के साथ-साथ उनके साथ चलने वाली विशाल टीम का चलन अब (एंटॉराज कल्चर) फिल्म निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बन बनता जा रहा हैं। करोड़ों रुपये फीस लेने वाले कई सितारे अपने साथ मेकअप आर्टिस्ट, हेयर स्टाइलिस्ट, मैनेजर, ड्राइवर, बॉडीगार्ड, ट्रेनर, निजी शेफ और निजी स्टाफ की लंबी फौज लेकर चलते हैं जिसका पूरा खर्च अक्सर निर्माता के सिर पर आ जाता है जिस वजह से फिल्म का बजट बढ़ जाता है और कई बार मध्यम बजट की फिल्मों को बनाना भी मुश्किल हो जाता है।

इसको लेकर फिल्म निर्माता केसी बोकाडिया ने एक इंटरव्यू के दौरान बॉलीवुड के इस बढ़ते चलन पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जब कोई कलाकार पहले से ही 50 से 100 करोड़ रुपये तक की फीस ले रहा हो तो उसे अपने निजी स्टाफ का खर्च भी स्वयं उठाना चाहिए। ऐसे में वो निर्माता जो कई बड़े सितारों को लेकर फिल्म बनाने की चाह रहते हैं उनके लिए वो एक सपना बनकर रह जाता है।
अमिताभ को निर्माता करते हैं आज भी सलाम
केसी बोकाडिया ने महानायक अमिताभ बच्चन के पेशेवर व्यवहार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन कभी भी अपने निजी कर्मचारियों का बोझ किसी निर्माता पर नहीं डालते। बोकाडिया के मुताबिक अमिताभ बच्चन अपने स्पॉट बॉय, मेकअप मैन, ड्राइवर और अन्य कर्मचारियों की सैलरी खुद देते हैं। इतना ही नहीं वह अपनी वैनिटी वैन और उसके संचालन का खर्च भी स्वयं उठाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों को फिल्म उद्योग सलाम करता है क्योंकि वे सिर्फ अपनी फीस लेने तक सीमित नहीं रहते बल्कि निर्माता के आर्थिक दबाव को भी समझते हैं। करोड़ों कमाने वाले कलाकारों को थोड़ा दिलदार भी होना चाहिए। बोकाडिया ने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई स्टार करोड़ों रुपये फीस ले रहा है तो उसे अपने निजी स्टाफ की जिम्मेदारी भी खुद उठानी चाहिए।
वैनिटी वैन में जिम और फाइव स्टार सुविधाओं की मांग
फिल्म निर्माता ने सितारों की बढ़ती मांगों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अब केवल एक वैनिटी वैन पर्याप्त नहीं मानी जाती बल्कि कई कलाकार जिम वैन, निजी शेफ के लिए अलग फूड ट्रक और अतिरिक्त लग्जरी सुविधाओं की मांग करते हैं। बताया जाता है कि अभिनेता रणवीर सिंह एक साथ तीन वैनिटी वैन इस्तेमाल करते हैं। एक वैन उनके पर्सनल यूज के लिए होती है, दूसरी में जिम का सेटअप होता है और तीसरी उनके पर्सनल शेफ के लिए होती है। उन्होंने कहा कि आखिर इन सुविधाओं का खर्च निर्माता क्यों उठाए?

फिल्म निर्माताओं पर आर्थिक दबाव
पहले जहां कभी अभिनेता के साथ सिर्फ एक मेकअप आर्टिस्ट और एक स्पॉट बॉय होता था वहीं अब कई कलाकार 20 से 30 लोगों की टीम के साथ शूटिंग पर पहुंचते हैं। इन लोगों के रहने, खाने, ट्रैवल, होटल और दैनिक खर्च का भुगतान भी प्रोडक्शन हाउस को करना पड़ता है। निर्माताओं का कहना है कि कई बार केवल एंटॉराज खर्च ही लाखों रुपये प्रतिदिन तक पहुंच जाता है।
प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने बनाए नए नियम
फिल्मों की बढ़ती लागत को देखते हुए प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और विभिन्न फिल्म संगठनों ने अब एंटॉराज खर्चों पर लगाम लगाने के लिए कई नए मानक तैयार किए हैं। इन नियमों के तहत मुख्य कलाकार को केवल एक मुख्य वैनिटी वैन उपलब्ध कराई जाएगी। अगर कोई कलाकार जिम वैन या अतिरिक्त वैनिटी की मांग करता है तो उसका खर्च उसे स्वयं उठाना होगा।
इसी तरह निजी स्टाफ की संख्या भी सीमित करने की तैयारी की गई है। अब केवल जरूरी कर्मचारियों का खर्च ही निर्माता उठाएगा जबकि अतिरिक्त कर्मचारियों का भुगतान कलाकार को अपनी जेब से करना होगा। इसके अलावा वैनिटी वैन में बिजली, डीजल और जनरेटर के उपयोग की समय सीमा तय करने पर भी विचार किया गया है।
संजय गुप्ता भी उठा चुके हैं यही सवाल
इससे पहले निर्देशक संजय गुप्ता भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि पुराने दौर के सितारे अपने निजी कर्मचारियों का खर्च खुद उठाते थे लेकिन आज यह जिम्मेदारी लगभग पूरी तरह निर्माताओं पर डाल दी गई है। उनका मानना है कि इंडस्ट्री को अब इस संस्कृति पर गंभीरता से विचार करना होगा क्योंकि लगातार बढ़ती लागत का असर सीधे फिल्मों की कमाई और निवेश पर पड़ रहा है।
मध्यम बजट की फिल्मों का निर्माण हो रहा मुश्किल
बॉलीवुड के कई निर्माता मानते हैं कि यदि एंटॉराज और ओवरहेड खर्चों पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो मध्यम बजट की फिल्मों का निर्माण और मुश्किल हो जाएगा। आज बॉलीवुड के कई सितारों की वैनिटी वैन किसी चलती-फिरती फाइव स्टार होटल से कम नहीं हैं। कई वैनिटी वैन में मिनी जिम, बेडरूम, ऑफिस, कॉन्फ्रेंस एरिया, किचन, मेकअप रूम और हाईटेक एंटरटेनमेंट सिस्टम मौजूद हैं। बताया जाता है कि शाहरुख, सलमान और आमिर खान के अलावा दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और जॉन अब्राहम की खुद की वैनिटी वैन हैं जिनकी कीमत करोड़ों रुपयों में बताई जाती है।






