
लखनऊ, 1 जुलाई 2026:
समाजवादी पार्टी मुखिया एवं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर जहां राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं, वहीं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बधाई के साथ ऐसा सियासी तंज कसा जिसकी चर्चा हो रही है।
राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए लिखा कि काफी सोचा कि जन्मदिन पर उन्हें क्या उपहार दें। उन्होंने कहा कि अखिलेश बड़े राजनीतिक परिवार से हैं, उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री रहे हैं। वह स्वयं भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए उन्हें भौतिक उपहार देने का कोई अर्थ नहीं है। ऐसे में वह उन्हें अपनी बेशकीमती सलाह ही जन्मदिन का उपहार दे रहे हैं।

मंत्री राजभर ने अपने संदेश में अखिलेश यादव को आलसी और आरामतलबी वाली जिंदगी से बाहर निकलने की नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें एसी और पीसी वाली राजनीति छोड़कर गांव-देहात की पगडंडियां नापनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि गैर-यादव पिछड़ों, गरीबों, दलितों, वंचितों और समाज के हर वर्ग के बीच जाकर उनके सुख-दुख में शामिल हों और नए उत्तर प्रदेश को नजदीक से समझें।
उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि केवल एसी में बैठकर सोशल मीडिया पर खेत-खलिहान और मेड़-पगडंडी के वीडियो देखने से राजनीति नहीं समझी जा सकती बल्कि खेत में जाकर खुद किसानी का अनुभव लेना होगा। राजभर ने कहा कि शुरुआत में मेड़ पर चलते समय पैर मुचक सकता है, कांटा चुभ सकता है। धूप और पसीने का सामना करना पड़ सकता है लेकिन लगातार गांवों में जाने से ही प्रदेश की राजनीति का असली रास्ता समझ में आएगा।
अपने संदेश के अंत में राजभर ने लिखा कि जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, मेड़ पर गोड़ रगड़ना ही पड़ता है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह 48 डिग्री तापमान में भी गांव-गांव घूमते हैं। आखिर में उन्होंने ईश्वर से अखिलेश यादव को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने की कामना करते हुए एक बार फिर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।






