
लखनऊ/हाथरस, 11 अगस्त 2026:
खाकी वर्दी पहनकर ड्यूटी करना तो पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी है लेकिन जब यही वर्दी सेवा, संवेदनशीलता और इंसानियत की पहचान बन जाए तो तस्वीर कुछ अलग होती है। हाथरस में पुलिस के दो जवानों ने अपने कर्तव्य से आगे बढ़कर ऐसे काम किए। उन्होंने खाकी के मानवीय चेहरे को सामने ला दिया। दोनों पुलिसकर्मियों के सराहनीय कार्यों की एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने प्रशस्ति पत्र देकर सराहना की।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए हाथरस पुलिस लगातार मुस्तैद है। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस के मुख्य आरक्षी (दीवान) मनोज कुमार ने कांवड़ मार्ग पर सड़क में बने गड्ढे देखे। उन्हें अंदाजा था कि इन गड्ढों से कांवड़ लेकर गुजर रहे श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है और हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है।
मनोज कुमार ने किसी अधिकारी या दूसरे विभाग के कर्मचारी का इंतजार नहीं किया। उन्होंने खुद फावड़ा उठाया और सड़क के गड्ढों को भरने में जुट गए। उन्होंने मार्ग को समतल किया जिससे कांवड़ियों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके। ड्यूटी के दौरान उनका यह कदम श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल बन गया।
दूसरी ओर, सिपाही विपिन यादव ने भी इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की जो पुलिस की वर्दी से कहीं आगे नजर आई। उन्होंने अपने वेतन से सामाजिक रूप से कमजोर और मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की। उनकी इस पहल से जरूरतमंदों को भोजन मिलने के साथ उन्हें यह एहसास भी हुआ कि समाज में उनकी चिंता करने वाले लोग मौजूद हैं।

दोनों पुलिसकर्मियों के कार्यों की जानकारी मिलने पर एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उनकी सराहना की और दीवान मनोज कुमार तथा सिपाही विपिन यादव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एसपी ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है। जरूरतमंदों की मदद करना, श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखना और समाज के प्रति मानवीय संवेदनशीलता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करना भी पुलिस की जिम्मेदारी है।






