Uttarakhand

चमोली में कुदरत का कहर: बादल फटने से सीमांत क्षेत्र में भारी तबाही, बेली ब्रिज बहा

ब्रिज टूटने से नीति-मलारी घाटी का कई मार्गों से संपर्क कटा, एक दर्जन से अधिक गांवों के साथ सेना व आईटीबीपी की आवाजाही प्रभावित, सीएम धामी ने राहत व बचाव कार्यों के दिए निर्देश

राजकिशोर तिवारी

चमोली, 11 अगस्त 2026ः

उत्तराखंड के चमोली में मूसलाधार बारिश के बीच बादल फटने से सीमांत क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। तमकनाला में आए भीषण सैलाब में सुराहीथोटा और जुम्मा के बीच ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर बना बेली ब्रिज देखते ही देखते बह गया। ब्रिज टूटते ही नीति-मलारी घाटी का कई मार्गों से संपर्क कट गया। सीमांत के एक दर्जन से अधिक गांवों के साथ सेना और आईटीबीपी की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। सीएम धामी ने घटना की जानकारी लेकर राहत व बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं।
chamoli-cloudburst-bailey-bridge-swept-away-jyotirmath-malari-highway (2)

तमकनाला के ऊपरी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया। सैलाब की चपेट में आकर पुल बहने के अलावा नाले के पास तीन आवासीय भवन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुल के टूटने से नीति-मलारी, बंपा, कैलाशपुर और कोषा समेत सीमांत गांवों में जरूरी सामान की आपूर्ति और लोगों की आवाजाही ठप हो गई है। सीमा क्षेत्र में तैनात सेना के वाहन भी मार्ग बहाल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।

ये भी पढ़ें:

बीआरओ को वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश

डीएम डॉ. संदीप तिवारी ने बीआरओ को तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बीआरओ कमांडर कर्नल अंकुर महाजन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल ह्यूम पाइप डालकर पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों के लिए अस्थायी रास्ता तैयार किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि करीब दो दिन में अस्थायी आवाजाही शुरू करने का प्रयास है, जबकि लगभग दो सप्ताह में बेली ब्रिज जोड़कर मार्ग को स्थायी रूप से बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।

नंदानगर में दो की मौत, छह लापता

चमोली के नंदानगर क्षेत्र में भी बादल फटने और भूस्खलन ने तबाही मचाई है। कुंतरी लगा फाली और धुर्मा गांव में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि छह लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं। धुर्मा गांव में 38 वर्षीय ममता देवी अपने बुजुर्ग ससुर गुमान सिंह को बचाने के लिए घर में गई थीं, लेकिन इसी दौरान आए तेज सैलाब में दोनों बह गए। लगातार हो रही बारिश ने जिले में खतरा और बढ़ा दिया है। बदरीनाथ हाईवे भी भनीरपानी और पागलनाला में मलबा आने से बाधित है। पहाड़ों में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
chamoli-cloudburst-bailey-bridge-swept-away-jyotirmath-malari-highway (3)

सीएम धामी ने लिया तत्काल संज्ञान

घटना की जानकारी मिलते ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सीएम ने राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, नदी-नालों और जलप्रवाह वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
chamoli-cloudburst-bailey-bridge-swept-away-jyotirmath-malari-highway (4)

बार-बार बह रहे पुल

ग्रामीणों का कहना है कि तमकनाला में पुल बहने की यह पहली घटना नहीं है। वर्ष 2018 में भी इसी नाले में पुल सैलाब की भेंट चढ़ चुका है। करीब तीन वर्ष पहले जुम्मा मोटर पुल भी बह गया था। लगातार हो रही घटनाओं से नाराज ग्रामीण अब स्थायी बैली ब्रिज के साथ मजबूत पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं। सीमांत क्षेत्र में पुल बहने से एक बार फिर पहाड़ों में आपदा के दौरान कमजोर यातायात ढांचे की चुनौती सामने आ गई है। फिलहाल प्रशासन और बीआरओ के सामने सबसे बड़ी चुनौती नीति-मलारी घाटी को जल्द से जल्द मुख्य मार्ग से जोड़ने की है।

ये भी पढ़ें  हरेला पर्व: मंत्री ने किया पौधरोपण अभियान का शुभारंभ, 11 लाख पौधे रोपे जाएंगे

Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button