
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 18 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के हरिपुर कालसी में आस्था, संस्कृति और विकास का संगम देखने को मिला। मां यमुना के पावन तट पर 2100 दीपों की रोशनी से हरिघाट जगमगा उठा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ हरिघाट का लोकार्पण और मां यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया। पीएम मोदी के जन्मदिन (PM Narendra Modi Birthday) के अवसर पर कालसी में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में धामी ने साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ मां यमुना के तट पर दीप प्रज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। एक साथ प्रज्ज्वलित 2100 दीपों ने हरिपुर कालसी के यमुना तट को भव्य आध्यात्मिक आभा से भर दिया।
कालसी इतिहास, आस्था व समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि
सीएम ने कहा कि कालसी इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और मां यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास क्षेत्र की धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती देंगे। ऐसे आयोजन सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जौनसार-बावर क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाएगा। कहा कि लाखामंडल सहित जौनसार क्षेत्र के ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
सीएम धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी है। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन और खान-पान जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं व उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की लोक संस्कृति, परंपराएं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर हैं। विकास के साथ इस विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड की आस्था और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है।

पात्रों को उनका लाभ दिलाना ही अभियान का उद्देश्य
‘सेवा संकल्प अभियान’ के भव्य आगाज होने के साथ ही 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत जनभागीदारी के जरिए विकास और सुशासन का संदेश घर-घर पहुंचाने की कवायद शुरू की गई है। अभियान के शुभारंभ पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में देहरादून जिले के विभिन्न हिस्सों में 25 हजार से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ पात्रों को उनका लाभ दिलाना है। अभियान के दौरान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष गतिविधियां आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को विकास योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। जिले की सभी न्याय पंचायतों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ अभियान की शुरुआत की गई।

स्वास्थ्य से लेकर समाज कल्याण तक विभाग जुटे
अभियान के शुभारंभ में विभिन्न सरकारी विभागों ने भी सक्रिय भागीदारी की। सीएमओ कार्यालय में ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली सजाई गई और दीप प्रज्वलित किए गए। रंगोली के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को केंद्र में रखा गया। समाज कल्याण विभाग की ओर से रायवाला स्थित राजकीय नशा मुक्ति केंद्र में 25 ‘आशीर्वाद के दिए’ जलाए गए। डॉ. बीआर अंबेडकर बालक छात्रावास में भी दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जनजागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम होंगे आयोजित
18 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के दौरान ‘मेरे सपनों का भारत–चित्र सेवा’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ समेत जनभागीदारी व जनजागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डीएम डा. आशीष चौहान ने जनपदवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से सुशासन और विकास के संदेश को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता, सेवा और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।






