
लखनऊ, 2 जुलाई 2026:
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को एक बार भाजपा और प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला भाजपा के लिए विधानसभा चुनाव में हार का कारण साबित होगा। चुनौती भरे अंदाज में उन्होंने कहा कि जो चुनाव नवंबर में कराना चाहते हैं, वे सितंबर में ही करा लें। राम मंदिर दान चोरी के कारण भाजपा विधानसभा चुनाव हारेगी।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अयोध्या में लोगों की जमीनें लेकर उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया। इसके कारण भाजपा 2024 का लोकसभा चुनाव हार गई। उन्होंने कहा कि अब चढ़ावे की चोरी का मुद्दा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। इसका खामियाजा भी भाजपा को भुगतना पड़ेगा। उनका कहना था कि इस बार भाजपा को न चंदा मिलेगा, न दान और न ही जनता का वोट।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि मर्यादा का पहला नाम प्रभु राम है और दूसरा नाम संविधान है। भाजपा ने पहले आस्था और मर्यादा से खिलवाड़ किया, अब लोकतंत्र और संविधान से भी खिलवाड़ करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने संविधान और भगवान दोनों के साथ विश्वासघात किया है। जब जनता पूरी सच्चाई जानेगी तो विधानसभा चुनाव में भाजपा का सफाया कर देगी।
उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ वास्तव में गंभीर है तो राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर भी बुलडोजर चलाया जाए। कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिस प्रदेश में सीसीटीवी कैमरे बंद कर मंदिर का चढ़ावा चोरी हो सकता है वहां साइबर फ्रॉड जैसी घटनाओं का बढ़ना स्वाभाविक है।
उनके मुताबिक इससे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम स्वयं इस पूरे मामले का हिसाब करेंगे। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के थाने राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि थाने भाजपा चला रही है। पुलिस को सिर्फ पैसे मिलने से मतलब है। प्रदेश में कहीं न्याय नहीं मिल रहा और हर विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है। मीडिया के लिए तय बजट का भी बंदरबांट हो रहा है।
मालूम हो कि 4 अप्रैल से शुरू हुई सिख सामाजिक न्याय यात्रा का गुरुवार को समापन हुआ। यात्रा में शामिल सिख समाज के प्रतिनिधि सपा मुख्यालय पहुंचे जहां अखिलेश यादव ने उनका सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने सिख समाज से जुड़े भूमि विवादों के समाधान का भरोसा भी दिलाया। कहा कि समाजवादी पार्टी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।






