
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 2 जुलाई 2026:
अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर गुरुवार को बारिश के बीच देहरादून के सीमाद्वार स्थित सीबीआई कार्यालय के बाहर संयुक्त संघर्ष मंच ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई जांच की रफ्तार पर सवाल उठाते हुए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि लंबे समय बाद भी मामले के कई अहम सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं।
प्रशासन ने सीबीआई कार्यालय के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रतीकात्मक तालाबंदी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान सीबीआई जवाब दो, अंकिता भंडारी को न्याय दो, सच्चाई सामने लाओ जैसे नारे लगातार लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि CBI Investigation उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ रही है। उनका कहना था कि जांच के दौरान सामने आए कई नामों और दूसरे अहम पहलुओं पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर कोई साफ जानकारी नहीं दी गई है।

संयुक्त संघर्ष मंच ने जांच की मौजूदा स्थिति सार्वजनिक करने की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पूछा कि अब तक कितने गवाहों से पूछताछ हुई, जांच किस चरण में है और आगे की कार्रवाई का रोडमैप क्या है। उनका कहना था कि अंकिता भंडारी के परिजन लंबे समय से इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ भरोसा ही मिला है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्पष्ट जवाब और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में कमला पंत, सुजाता पॉल, निर्मला बिष्ट, त्रिलोचन भट्ट, मोहित डिमरी, एडवोकेट अलमास सिद्दीकी, शंकर गोपाल, ललित उत्तराखंडी (उत्तराखंड टाइगर फोर्स), मनीष सुंदरियाल, विनोद कुमार धस्माना (उत्तराखंड समानता पार्टी) समेत कई सामाजिक संगठनों और जनसंगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।






