
लखनऊ, 7 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के कानपुर रोड स्थित लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल में डिलीवरी के दौरान कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान नवजात फर्श पर गिर गया। इससे सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने परिजनों की मांग पर नवजात के शव का पोस्टमॉर्टम कराया। उधर, डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लेते हुए उच्चाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी

लखनऊ के आशियाना क्षेत्र की सीता विहार कॉलोनी निवासी शुभम पाल के मुताबिक वह रविवार शाम अपनी गर्भवती पत्नी कीर्ति को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में उन्हें भर्ती तो कर लिया गया लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि लेबर पेन बढ़ने पर ही सामान्य प्रसव कराया जाएगा। शुभम का आरोप है कि पत्नी की हालत लगातार बिगड़ती रही और पांच घंटे तक सामान्य प्रसव की कोशिश के बावजूद सफलता नहीं मिली।
प्रसव के समय ड्यूटी पर डॉक्टर के मौजूद न होने का आरोप
यह भी आरोप लगाया कि प्रसव के समय ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। उनकी मां को लेबर रूम से बाहर निकाल दिया गया। इसी दौरान एक सफाईकर्मी ने कथित रूप से डिलीवरी कराने के लिए 500 रुपये की मांग करते हुए कहा कि डॉक्टर उसे 50 रुपये देते हैं, जबकि वह 500 रुपये में प्रसव करा देगी।
पीड़ित परिजनों ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज मांगे
परिजनों के मुताबिक आखिरकार प्रसव के दौरान नवजात फर्श पर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उनका आरोप है कि घटना के बाद भी डॉक्टर वार्ड में नहीं पहुंचे और अस्पताल प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई कर शव सौंपने की तैयारी कर रहा था। शुभम ने शव लेने से इनकार करते हुए पोस्टमॉर्टम और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की मांग की।
अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए बनाई तीन सदस्यीय समिति
अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति परिजनों की शिकायत, इलाज से जुड़े रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर और संबंधित डॉक्टरों व कर्मचारियों के बयान के आधार पर जांच करेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

उधर, डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लेते हुए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






