
लखनऊ, 7 जुलाई 2026:
अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और गबन प्रकरण के साथ उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों ने सियासी माहौल गरमा दिया है। इस विवाद के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दोनों मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की।
मायावती ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में चोरी और गबन का मामला भी सुर्खियों में है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों के ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबंधकों की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में भी ट्रस्ट प्रबंधन की आड़ में इस तरह की गड़बड़ियों की आशंका बनी रहेगी।
बसपा प्रमुख के मुताबिक आम चर्चा है कि यदि निचले स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके पीछे या तो मुख्य प्रबंधकों की मिलीभगत है या फिर उनकी लापरवाही जिम्मेदार है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। सरकार तथा एसआईटी को इस मामले पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
मायावती ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उन नेताओं को भी निशाने पर लिया जिन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में बड़ी रकम की चोरी और गबन के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को अपने आरोपों के पुख्ता सबूत भी जांच एजेंसियों को देने चाहिए जिससे कोई भी दोषी बच न सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं दिए गए तो इसे केवल राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक आस्था के मुद्दे का इस्तेमाल माना जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित के वास्तविक मुद्दों को पीछे छोड़कर इस विवाद को चुनावी राजनीति का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।






