
अनिल निषाद
अयोध्या, 7 जुलाई 2026:
Ram Mandir Donation Case को लेकर अयोध्या में सियासी टकराव और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मंगलवार को कोतवाली नगर पहुंचकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर परमहंस दास समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी। सपा नेताओं का आरोप है कि पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की छवि खराब करने के लिए बिना सबूत गंभीर दावे किए जा रहे हैं।
पूर्व मंत्री पवन पांडे ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह प्रचार किया गया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी टिन्नू यादव की अखिलेश यादव से 980 बार बातचीत हुई है। उनका कहना था कि अगर ऐसा दावा किया जा रहा है तो उसका Call Detail Record (CDR) या कोई दूसरा पुख्ता सबूत भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। बिना किसी प्रमाण के लगाए गए आरोप लोगों को गुमराह करने की कोशिश हैं।
पवन पांडे ने कहा कि समाजवादी पार्टी शुरू से Ram Mandir Trust और चढ़ावे से जुड़े पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग करती रही है। उनका दावा है कि अखिलेश यादव ने पहले जिन सवालों को उठाया था, अब वही बातें सामने आती दिख रही हैं। उन्होंने कहा कि चम्पत राय, डॉ अनिल मिश्रा और गोपाल राव को ट्रस्ट से बाहर किया जा चुका है। यदि उनके खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी या किसी दूसरी अनियमितता के सबूत मिलते हैं तो निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाए। दोष साबित होने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
सपा नेताओं ने पुलिस से यह भी मांग की कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लगाए गए कथित भ्रामक और मानहानिकारक आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कोतवाली नगर पुलिस ने सपा नेताओं से तहरीर लेने के बाद कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।





