
लखनऊ, 7 जुलाई 2026:
यूपी सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास की पूरी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में जुटी है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर युवा को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जनपद और मुख्यालय स्तर पर नियमित समीक्षा हो तथा हर प्रशिक्षण केंद्र की गुणवत्ता और प्रगति पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। सभी अधिकारी पूरी जवाबदेही के साथ अपने दायित्व निभाएं।
युवाओं के लिए शॉर्ट टर्म और अन्य पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर
बैठक में युवाओं के लिए अधिक से अधिक शॉर्ट टर्म और रोजगारपरक कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सॉफ्ट स्किल, डिजिटल लर्निंग, संवाद कौशल, इंटरव्यू की तैयारी, रिज्यूम लेखन और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए जिससे प्रशिक्षित युवाओं की रोजगार क्षमता और मजबूत हो सके।
स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार की मंशा केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है बल्कि हर प्रशिक्षित युवा को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना भी प्राथमिकता है। इसके लिए विभाग उद्योगों के साथ मजबूत समन्वय स्थापित करे और स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने आईटीआई और कौशल विकास संस्थानों में आयोजित रोजगार मेलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए।
आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण
समीक्षा बैठक में अटल आवासीय विद्यालयों में संचालित स्किलिंग कार्यक्रमों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अगले माह से आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी कौशल प्रशिक्षण शुरू होगा। इससे सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, सीएनसी, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने, प्रशिक्षण सामग्री को समय-समय पर अपडेट करने और उद्योगों के साथ साझेदारी मजबूत करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं की सफलता की कहानियों को सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर साझा करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं, प्लेसमेंट, डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रशिक्षण भागीदारों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा कौशलयुक्त मानव संसाधन वाला राज्य बनाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है जिससे हर प्रशिक्षित युवा को रोजगार मिले और प्रदेश के औद्योगिक विकास को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।






