बाराबंकी, 11 जुलाई 2026:
बाराबंकी में निजी अस्पतालों की Fire Safety व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बड़ा अभियान चलाया। अग्नि सुरक्षा मानकों और बेसमेंट में संचालित मेडिकल सेवाओं की जांच के लिए बनाई गई टास्क फोर्स ने शहर के कई निजी अस्पतालों और एक डेंटल क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान छह संस्थानों में अलग-अलग तरह की खामियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए। इनमें पांच अस्पतालों को तीन दिन के भीतर Fire Safety से जुड़ी कमियां दूर करने का अल्टीमेटम दिया गया है, जबकि एक डेंटल क्लीनिक बिना रजिस्ट्रेशन संचालित मिलता पाया गया।
पांच अस्पतालों में Fire Safety की कमी
निरीक्षण के दौरान टास्क फोर्स ने श्री साई हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर, आसरा हॉस्पिटल, पटेल नर्सिंग होम एंड सर्जिकल सेंटर, वसुकृष्णा नर्सिंग होम और श्री केसरीनंदन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच में कई जगह Emergency Exit के संकेतक नहीं मिले। इसके अलावा Fire Alarm, Smoke Exhaust या Exhaust System जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी अधूरी पाई गईं। कई अस्पतालों में सूचना प्रदर्शित करने वाला डिस्प्ले बोर्ड भी बाहर नहीं लगाया गया था।
तीन दिन में कमियां दूर करने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। कुछ अस्पतालों में Fire Safety के लिए CO2 आधारित उपकरण भी उपलब्ध नहीं मिले, जिन्हें तत्काल लगाने को कहा गया है। विभाग ने साफ किया है कि तय समय के भीतर निर्देशों का पालन नहीं होने पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बिना रजिस्ट्रेशन चलता मिला डेंटल क्लीनिक
निरीक्षण के दौरान आशीर्वाद डेंटल क्लीनिक भी जांच के दायरे में आया। यहां बीडीएस डॉक्टर कार्यरत मिले, लेकिन क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी करते हुए पहले रजिस्ट्रेशन कराने और बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक का संचालन नहीं करने के निर्देश दिए।
टास्क फोर्स आगे भी करती रहेगी निरीक्षण
यह कार्रवाई अग्नि सुरक्षा मानकों और बेसमेंट में संचालित मेडिकल सेवाओं की जांच के लिए गठित टास्क फोर्स ने की। निरीक्षण दल में स्वास्थ्य विभाग के डा. एलबी गुप्ता, चिकित्सा पंजीकरण के नोडल अधिकारी जितेंद्र कुमार शुक्ला और चिकित्सा पंजीकरण शाखा के वरिष्ठ पटल सहायक शामिल रहे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।






