देहरादून, 11 जुलाई 2026:
सहसपुर स्थित गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में शनिवार को आयोजित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार जनसेवा शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। शासन खुद गांव, कस्बों और शहरों तक पहुंचे, यही इस अभियान का मकसद है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे अहम है और सरकार तभी सफल मानी जाएगी जब लोगों को समय पर राहत मिले।
सरकार और जनता के बीच बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान ने लोगों और सरकार के बीच भरोसा मजबूत किया है। सरकारी योजनाओं का फायदा अब आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाना ही सुशासन की असली पहचान है।
पहले चरण के आंकड़ों से गिनाई उपलब्धियां
धामी ने बताया कि अभियान के पहले चरण में 65 दिनों के भीतर पूरे उत्तराखंड में करीब 700 जनसेवा शिविर लगाए गए। इनमें पांच लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। सिर्फ देहरादून जिले में 46 शिविरों के जरिए 60 हजार से अधिक लोगों तक सरकार पहुंची और करीब 39 हजार लोगों को मौके पर ही अलग-अलग योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिया गया।

सेवा पखवाड़े में हजारों लोगों तक पहुंची सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पांच साल पूरे होने पर सेवा, सुशासन और समर्पण सेवा पखवाड़ा चलाया जा रहा है। 4 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 64 हजार से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं। इस दौरान 5,567 शिकायतें और समस्याएं सामने आईं, जिनमें से 4,951 का समाधान किया जा चुका है। वहीं 2,522 लोगों को प्रमाण पत्र और दूसरी सरकारी सेवाएं देने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
सहसपुर शिविर में एक हजार से ज्यादा लोगों ने कराया पंजीकरण
सहसपुर में आयोजित शिविर में एक हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया। अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, सहायता सामग्री और दूसरी सरकारी सुविधाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं। लोगों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और दूसरे विभागों से जुड़ी सेवाओं का लाभ लिया।
प्रधानमंत्री के विजन का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाने का सपना अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश और हवाई संपर्क जैसे क्षेत्रों में लगातार तरक्की हो रही है।

बड़े आयोजनों से बदली उत्तराखंड की पहचान
धामी ने कहा कि राज्य में पहली बार जी-20 बैठकें, राष्ट्रीय खेल, शीतकालीन यात्रा और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे बड़े आयोजन सफलतापूर्वक हुए। इससे उत्तराखंड की पहचान देश और दुनिया में मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि निवेश, पर्यटन, Startup और उद्योग के क्षेत्र में राज्य लगातार नए अवसर तैयार कर रहा है।
यूसीसी, भर्ती और भ्रष्टाचार पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके बाद पारदर्शी प्रक्रिया से 34 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है।
सहसपुर के विकास कार्यों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और कृषि से जुड़े कई विकास कार्य पूरे किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड का सपना पूरा करना है और हर नागरिक तक विकास का फायदा पहुंचाना है।
शिकायतें सुनीं, अफसरों को मौके पर दिए आदेश
जनसेवा शिविर में मुख्यमंत्री ने सिर्फ भाषण नहीं दिया बल्कि लोगों की शिकायतें भी सुनीं। कई मामलों में उन्होंने अधिकारियों को वहीं से समय सीमा तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कारबारी ग्रांट की सुमन बासकंडी ने साईलोक क्षेत्र में 30 सोलर लाइट लगाने की मांग की, जिस पर एमडीडीए को दो महीने के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सिलाई मशीन से लेकर सड़क और नालियों तक पर फैसले
स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उसी दिन सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सेलाकुई नगर पंचायत के सभासद अनिल नौटियाल ने आंतरिक सड़क, नालियां, जल निकासी और इंटरलॉकिंग सड़क बनाने की मांग रखी, जिस पर शहरी विकास विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
श्मशान घाट, पार्क और डिस्पेंसरी पर भी निर्देश
गोकुल फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की सहायता का मामला भी मुख्यमंत्री के सामने आया, जिस पर अधिकारियों को जरूरी मदद देने को कहा गया। नंदन सिंह कंडारी ने भाऊवाला पुल के पास श्मशान घाट बनाने की मांग रखी, जिस पर दो महीने के भीतर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए। यशपाल सिंह नेगी ने अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त का काम पूरा कराने की मांग की, जिस पर सचिव राजस्व को 15 दिन के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए गए। शांति विहार सुधार एवं विकास समिति की ओर से भगवानपुर-बहुगुणा मार्ग पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से पार्क और ओपन जिम बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। वहीं बड़ोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को एक महीने में कार्रवाई करने को कहा गया।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित कई जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।






