
गोरखपुर, 12 जुलाई 2026:
उत्तर प्रदेश में रविवार को शुरू हुए पौधरोपण महाअभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से की। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मौलि श्री, पीपल, बरगद और नीम के पौधे लगाकर प्रदेशव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से एक पेड़ मां के नाम लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पौधों के साथ सेल्फी भी ली और अभियान के प्रतीक के रूप में आसमान में गुब्बारे छोड़े। प्रदेश सरकार ने इस बार एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। लक्ष्य पूरा होने पर यह 24 घंटे में सबसे अधिक पौधे लगाने वाले अभियानों में शामिल होगा।

बदलते मौसम पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष मानसून करीब एक महीने की देरी से आया है, जिसका असर खेती और उत्पादन पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। गर्मी और सर्दी दोनों ही पहले से अधिक चरम स्थिति में पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ग्लोबल वार्मिंग को लेकर लगातार चेतावनी दी जा रही है। समुद्र किनारे बसे कई शहरों पर खतरा बढ़ रहा है और कई बड़े शहर प्रदूषण की वजह से गैस चैंबर जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। ऐसे हालात में बीमार और बुजुर्ग लोगों को घरों से बाहर निकलने तक की सलाह दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंधाधुंध पेड़ों की कटाई और जल स्रोतों के नष्ट होने का असर अब पूरी दुनिया महसूस कर रही है। इसकी कीमत मानवता को चुकानी पड़ रही है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है।
सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें बचाना भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधरोपण अभियान तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधे जीवित भी रहें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सिर्फ पौधे लगाकर फोटो खिंचवाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि परिवार के किसी सदस्य, पूर्वज या मां की स्मृति में पौधा लगाया जा सकता है। इससे लोगों का भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा और पौधों के संरक्षण में मदद मिलेगी। योगी ने सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण के साथ-साथ जीवनशैली में भी बदलाव जरूरी है।
9 साल में 242 करोड़ पौधे लगाने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर हरित अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उनके अनुसार पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए इस बार एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर भी प्रदेश में 5 करोड़ पौधे लगाए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
धरती मां के स्वास्थ्य की भी चिंता जरूरी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती माता इंसान को अन्न, फल, जल और जीवन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराती हैं। इसके बावजूद लोग अपने स्वास्थ्य की चिंता तो करते हैं लेकिन धरती के स्वास्थ्य पर उतना ध्यान नहीं देते। उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है।
कार्बन उत्सर्जन कम करने में मददगार बने वृक्ष
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले वर्षों में लगाए गए पौधों का सकारात्मक असर पर्यावरण पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में लगाए गए पौधों से लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण हुआ है और बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ है। उनके मुताबिक पिछले नौ वर्षों के पौधरोपण अभियानों से करोड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण और बड़े स्तर पर कार्बन संचयन हुआ है, जिससे पर्यावरण संतुलन मजबूत करने में मदद मिली है।
विकास के साथ हरियाली पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेसवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जहां बड़े पैमाने पर भौतिक विकास हुआ है। इसके साथ ही वन क्षेत्र बढ़ाने और हरियाली को मजबूत करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना समय की जरूरत है। इसी सोच के साथ सड़कों, नदियों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है।
वन मंत्री ने भी रखा लक्ष्य
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा कि शाम तक प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाए जाने का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने पौधों की सुरक्षा और देखभाल पर विशेष जोर देते हुए लोगों से कम से कम एक पौधा अपनी मां की स्मृति में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे छायादार और फूलदार पौधे लगाने, घरों के आसपास फलदार वृक्ष विकसित करने और नदियों के किनारों पर हरित पट्टी तैयार करने पर भी सरकार का फोकस है।
गोरखपुर को मिला 55 लाख पौधों का लक्ष्य
वन विभाग के अनुसार गोरखपुर जिले को इस अभियान के तहत 55 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए पहले से गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता और संरक्षण से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। अभियान के तहत सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि पौधरोपण के साथ पौधों की उत्तरजीविता भी बेहतर हो सके।





