एक करोड़ महिलाओं की ताकत से बदल रहे यूपी के गांव, एसएचजी मॉडल ने रची आर्थिक क्रांति
करीब 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, वाराणसी की रीना सिंह का 80 लाख रुपये वार्षिक कारोबार बना प्रेरणा, 200 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार

लखनऊ/वाराणसी, 12 जुलाई 2026:
यूपी में महिला सशक्तीकरण अब सामाजिक बदलाव के अभियान के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला बड़ा आर्थिक आंदोलन बन चुका है। सरकार की योजनाओं और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के माध्यम से लाखों ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) अब गांवों में विकास और रोजगार का मजबूत आधार बनकर उभरे हैं।
प्रदेश में वर्तमान समय में करीब एक करोड़ महिलाएं लगभग 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों ने महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं रखा बल्कि उन्हें अपना कारोबार शुरू करने, वित्तीय सहायता प्राप्त करने, कौशल विकास प्रशिक्षण लेने और अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने का अवसर भी उपलब्ध कराया है। इससे हजारों महिलाएं आज सफल उद्यमी बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल रही हैं।
वाराणसी की रीना सिंह इस परिवर्तन की सबसे प्रेरक कहानियों में शामिल हैं। पति के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए उन्होंने 11 महिलाओं के साथ मिलकर महादेव स्वयं सहायता समूह की स्थापना की। छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह प्रयास आज हल्दी, धनिया और दालों के प्रसंस्करण के सफल उद्योग में बदल चुका है। इस महिला नेतृत्व वाले उद्यम का वार्षिक कारोबार 80 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। इसके माध्यम से 200 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार एवं आजीविका का अवसर मिला है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाएं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, डेयरी, खाद्य उत्पाद निर्माण, सिलाई, हस्तशिल्प और ग्रामीण मार्ट संचालन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। अब वे केवल कच्चा माल बेचने तक सीमित नहीं हैं बल्कि पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के जरिए अपने उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। इससे गांवों में रोजगार बढ़ा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और पलायन पर भी प्रभावी रोक लगी है।
महिला उद्यमिता को और अधिक गति देने के लिए डिजिटल तकनीक, आधुनिक उपकरण, कौशल प्रशिक्षण, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बड़े बाजारों तक पहुंच को प्राथमिकता दी जा रही है। योगी सरकार की महिला सशक्तीकरण केंद्रित नीतियां इस परिवर्तन को और मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं। उद्योग, निवेश और आधारभूत संरचना के साथ महिलाओं द्वारा संचालित ग्रामीण उद्यम आज उत्तर प्रदेश के समावेशी, आत्मनिर्भर और सतत विकास के सबसे मजबूत स्तंभ बनते जा रहे हैं। सशक्त महिलाएं विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा दे रही हैं।






