
लखनऊ, 14 जुलाई 2026:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मंच पर 17 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावनात्मक संदेश जारी करते हुए वांगचुक से अपना अनशन तोड़ने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
अखिलेश यादव ने लिखा कि सोनम वांगचुक का जीवन केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए अनमोल है, क्योंकि वह मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति समान रूप से समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वांगचुक आमरण अनशन कर रहे हैं वह संवेदनहीन और सिद्धांतहीन व्यवस्था बन चुकी है जहां किसी के त्याग और बलिदान का कोई महत्व नहीं रह गया है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के लिए धन ही सर्वोपरि है और वे भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति के अहंकार में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिनमें अहंकार होता है उनमें सुधार की गुंजाइश नहीं रहती। अखिलेश ने ‘सत्याग्रह’ और ‘सत्ताग्रह’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता के लालच में डूबे लोग सत्याग्रह की भावना को कभी नहीं समझ सकते। उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र का गला घोंटने और युवाओं के भविष्य की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
अपने संदेश के अंत में अखिलेश यादव ने कामना की कि सोनम वांगचुक का मनोबल और नैतिक शक्ति देश के युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण संरक्षण के संघर्ष के लिए प्रेरणा बनी रहे तथा वह नकारात्मक ताकतों के खिलाफ एक प्रकाश स्तंभ की तरह देश का मार्गदर्शन करते रहें।
वहीं, सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक फिलहाल अनशन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि उन्होंने स्वयं वांगचुक से अनशन खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इसे अपमानजनक निकास बताते हुए अस्वीकार कर दिया। दीपके के अनुसार अनशन के 17वें दिन वांगचुक की मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो रही हैं और उन्हें लगातार दर्द का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि वांगचुक का कहना है कि उनसे अनशन खत्म करने की अपील करने के बजाय सरकार से पूछा जाए कि वह बातचीत शुरू करने के लिए भी तैयार क्यों नहीं है। इससे आंदोलन और सरकार के बीच जारी गतिरोध अभी भी बरकरार है।






