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यूपी: 19 लाख छात्रों की पढ़ाई की राह हुई आसान…खाते में आई 944 करोड़ की छात्रवृत्ति

सीएम योगी ने गणतंत्र दिवस पर दिया तोहफा, गरीब व जरूरतमंद छात्रों को मिला मजबूत सहारा

लखनऊ, 26 जनवरी 2026:

यूपी के 18,78,726 छात्र-छात्राओं के खातों में 944.55 करोड़ की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति उनके खाते में भेज दी गई। सीएम योगी ने एक क्लिक में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से ये तोहफा दिया।

जरूरतमंद छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिला

राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में सीएम योगी ने डीबीटी के बाद कहा कि पिछली सरकारों में परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण गरीब छात्रों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था। अब भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत जिससे गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों की पढ़ाई आसान हुई है और उन्हें आगे बढ़ने का सीधा अवसर मिला है।

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फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों में मदद मिलेगी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा साफ हो तो योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचता है। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि सीधे बैंक खाते में आने से छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों में मदद मिलेगी। इससे आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने की मजबूरी कम होगी और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

शिक्षा में आर्थिक तंगी बाधा नहीं बनेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति योजनाएं कई स्तरों पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं, लेकिन अब डीबीटी व्यवस्था ने प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी छात्र केवल आर्थिक कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।

सूर्योदय के बाद उठने वालों ने बेड़ा गर्क किया

मुख्यमंत्री ने कहा पूर्व सरकारों ने गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर कभी ध्यान नहीं दिया। 12 बजे तक सोकर उठने वाले बबुआ को गरीबों के बच्चों की चिंता कहां से होगी? जो सूरज निकलने के बाद उठे, उसे सूर्योदय की बात भी फिजूल लगेगी। ऐसे लोग न प्रदेश की चिंता कर सकते हैं और न ही गरीबों की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार की नीयत साफ होती है और नीति स्पष्ट होती है, तब भ्रष्टाचार रूपी दानव पर नियंत्रण संभव होता है।

इस अवसर पर पंचायती राज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी उपस्थित रहे।

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