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त्योहार छूटे, सपने टूटे… 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का फिर फूटा दर्द, प्रदर्शन में गूंजी ये मांग

लखनऊ में SCERT दफ्तर का घेराव कर अभ्यर्थियों ने सरकार पर साधा निशाना, 21 जुलाई की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से पहले प्रभावी पैरवी की मांग, बोले- छह साल से सड़क पर संघर्ष

लखनऊ, 14 जुलाई 2026:

69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने निशातगंज स्थित एससीईआरटी (SCERT) कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की और सरकार से नियुक्ति सुनिश्चित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होनी है। ऐसे में सरकार को इस बार पूरी तैयारी के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में अब तक कई बार सुनवाई की तारीख लग चुकी है लेकिन अधिकांश अवसरों पर सरकार की ओर से अधिवक्ता समय पर उपस्थित नहीं हुए। इसके कारण सुनवाई आगे बढ़ती रही। उनका कहना है कि फैसला अदालत को करना है लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावी ढंग से पैरवी कर मामले को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाए।
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प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के एक बयान पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि मंत्री ने उन्हें लात खाने लायक बताया, जबकि सरकार में शामिल होने से पहले वह उनके आंदोलन का खुलकर समर्थन करते थे। पिछड़े व दलित वर्ग के हितों की बात करते थे। अभ्यर्थियों ने कहा कि आज उनके मुद्दे पर मंत्री की चुप्पी बेहद निराशाजनक है।

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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 69 हजार शिक्षक भर्ती वर्ष 2018 में निकली थी और तब से वे लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और डबल बेंच से उनके पक्ष में निर्णय आने के बाद अब पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद छह वर्षों से नियुक्ति का इंतजार खत्म नहीं हो सका।
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अभ्यर्थियों ने भावुक होते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों में सड़क ही उनका घर बन गई है। जिस समय उन्हें स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना चाहिए था उस समय वे अपनी नियुक्ति के लिए आंदोलन कर रहे हैं। बेरोजगारी के कारण उन्होंने त्योहार मनाना तक छोड़ दिया है। उनका कहना है कि अब उनकी एकमात्र उम्मीद न्यायालय और सरकार की गंभीर पहल से जुड़ी है। प्रदर्शन में देवरिया के धनंजय गुप्ता, रायबरेली के अमित मौर्य, प्रयागराज की प्रमिला विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल रहे।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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