
न्यूज डेस्क, 16 जुलाई 2026:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का आज 19वां दिन है। उनकी बिगड़ती सेहत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उनके समर्थन में राजनीतिक दलों के नेताओं, फिल्म कलाकारों, रंगकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का जुटना लगातार जारी है। सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने बुधवार को धरना स्थल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनके आंदोलन को समर्थन दिया।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए अनशन पर बैठे जीडी अग्रवाल ने भी अपनी मांगें सरकार के सामने लगातार रखीं, लेकिन सुनवाई न होने के कारण उन्होंने अपना जीवन गंवा दिया।

अखिलेश ने कहा कि सोनम वांगचुक और केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ संघर्ष कर रहे आदिवासी-किसानों को भाजपा सरकार से सहानुभूति और संवेदनशीलता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उन्होंने अपील की कि आंदोलनकारी अपने बहुमूल्य जीवन को दांव पर न लगाएं।
अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने में विश्वास करती है।

इस बीच फिल्म अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने सोनम वांगचुक के समर्थन में अपने घर पर एक दिन का अनशन करने की घोषणा की है। कई अन्य कलाकार भी अलग-अलग तरीकों से उनके आंदोलन के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। लगातार बढ़ते समर्थन के बीच अब सभी की निगाहें सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित संवाद पर टिकी हैं।







