राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 19 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड के राजकीय और निजी विश्वविद्यालय अब शोध व नवाचार के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही सभी विश्वविद्यालय ‘विकसित भारत 2047’ की थीम पर विभिन्न विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित करेंगे। विधानसभा स्थित सभागार में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित निजी विश्वविद्यालयों की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में तय हुआ कि राज्य और निजी विश्वविद्यालय आपसी समन्वय से शोध व नवाचार को बढ़ावा देंगे, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शोध संस्कृति को नई दिशा मिलेगी। युवाओं की प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से निजी विश्वविद्यालय खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करने और स्थानीय संस्कृति, भाषा और विरासत को पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर भी सहमति बनी।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय अपने आसपास के पांच गांवों को गोद लेकर उन्हें आदर्श गांव के रूप में विकसित करने में सहयोग करेगा। इसके अलावा एक आंगनबाड़ी केंद्र या राजकीय प्राथमिक विद्यालय को भी गोद लेकर वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नशा मुक्ति, स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान भी इन कार्यक्रमों का हिस्सा होंगे।
बैठक में निजी विश्वविद्यालयों की समस्याओं और सुझावों के त्वरित समाधान के लिए शासन स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे विश्वविद्यालयों को अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। इस दौरान उच्च शिक्षा सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल आदि मौजूद रहे।






