
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026:
Paper Leak के मामलों पर केंद्र सरकार ने एक साथ कई बड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक को लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए सख्त कानून लाने का एलान किया है। वहीं उनकी घोषणा के कुछ घंटों के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट ने देश का पहला Fast-Track Court गठित कर दिया। इस अदालत में दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा की जज अनु ग्रोवर बलिगा की नियुक्ति की गई है। सरकार का कहना है कि अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि ऐसे मामलों का तेजी से ट्रायल और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
PM बोले, पेपर लीक कोई मामूली घटना नहीं
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई साधारण मामला नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों की वर्षों की मेहनत प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने लगातार कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने रिकॉर्ड समय में करीब 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई और 19 जुलाई को उसका परिणाम भी घोषित कर दिया। उनके मुताबिक देशभर से सफल छात्रों की खुशी की खबरें सामने आ रही हैं।
सख्त कानून मानसून सत्र में लाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने पहले ही संबंधित विभागों को Fast-Track Court और कठोर सजा से जुड़े प्रावधान तैयार करने के निर्देश दिए थे। विभागों ने इसका मसौदा तैयार कर उन्हें सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस मसौदे पर चर्चा होगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे अंतिम रूप देकर संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में पेश करने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
दिल्ली में सबसे पहले बना Fast-Track Court
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार देर रात अधिसूचना जारी कर Paper Leak मामलों की सुनवाई के लिए देश का पहला Fast-Track Court गठित कर दिया। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र उपाध्याय ने दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा की जज अनु ग्रोवर बलिगा को इस अदालत का न्यायाधीश नियुक्त किया है। जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी ऐसे Fast-Track Court गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुंबई के दो मामलों समेत दिल्ली, कोलकाता और मध्य प्रदेश से जुड़े मामलों की सुनवाई भी तेज करने की तैयारी है।
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज विभाग भेजा गया। नरेश गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया, जबकि टीके अनिल कुमार को शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।






