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BWF World Championship : त्रिसा-गायत्री ने रचा इतिहास, 15 साल बाद भारत को महिला डबल्स में कांस्य

दुनिया की नंबर-1 जोड़ी से सेमीफाइनल में मिली हार के बावजूद कांस्य पदक पक्का किया, तीन जोड़ियों को हराकर भारतीय जोड़ी ने तय किया सेमीफाइनल तक का सफर, महिला डबल्स में 2011 के बाद भारत को मिला World Championships Medal

स्पोर्ट्स डेस्क, 23 अगस्त 2026:

BWF World Championship 2026 में त्रिसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दुनिया की नंबर-1 चीनी जोड़ी लियू शेंग शू-टैन निंग के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के बावजूद भारतीय जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। महिला डबल्स में भारत को World Championships का पदक 15 साल बाद मिला है।

आठ हजार दर्शकों के शोर ने भरा जोश

इंदिरा गांधी स्टेडियम में करीब 8 हजार दर्शकों के सामने त्रिसा-गायत्री ने सेमीफाइनल की शुरुआत दमदार तरीके से की। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दौर में 7-2 की बढ़त बना ली। इसके बाद लियू शेंग शू-टैन निंग ने लगातार 10 अंक लेकर मैच में वापसी की।

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पहले गेम में पिछड़ने के बाद पलटवार

चीनी जोड़ी की वापसी के बाद त्रिसा-गायत्री ने दबाव कम नहीं होने दिया। दोनों ने लगातार छह अंक जुटाकर स्कोर को फिर अपने पक्ष में किया। पहले गेम के अंतिम हिस्से में भारतीय जोड़ी ने डिफेंस पर खास जोर दिया। 16-18 से पीछे चल रही त्रिसा-गायत्री ने इसके बाद लगातार पांच अंक हासिल किए। इस शानदार वापसी के दम पर उन्होंने पहला गेम 21-18 से जीत लिया।

49 शॉट की रैली ने बदला मुकाबले का रुख

दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने नंबर-1 चीनी खिलाड़ियों को आसानी से बढ़त नहीं लेने दी। स्कोर 11-12 तक मुकाबला बेहद करीबी रहा। 12-12 के स्कोर पर हुई 49 शॉट की लंबी रैली में लियू शेंग शू-टैन निंग ने बेहतर डिफेंस दिखाया। इस रैली के बाद भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ गया। चीनी जोड़ी ने लगातार आठ अंक हासिल किए। त्रिसा-गायत्री दूसरा गेम 13-21 से हार गईं।
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निर्णायक गेम में नहीं मिली वापसी की जगह

तीसरे गेम में लियू शेंग शू-टैन निंग ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बना ली। 2-2 के स्कोर पर 56 शॉट की लंबी रैली देखने को मिली। इसके बाद चीनी खिलाड़ियों ने नेट प्ले के साथ तेज जंप स्मैश का इस्तेमाल कर भारतीय जोड़ी को लगातार दबाव में रखा। त्रिसा-गायत्री इस गेम में अपनी लय हासिल नहीं कर सकीं। निर्णायक गेम 8-21 से गंवाने के साथ उनका फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। लियू शेंग शू-टैन निंग ने जीत के साथ फाइनल में जगह बना ली।

तीन वरीय जोड़ियों को हराकर सेमीफाइनल तक पहुंचीं

सेमीफाइनल में हार के बावजूद त्रिसा-गायत्री का World Championship सफर बेहद प्रभावशाली रहा। विश्व रैंकिंग में 39वें स्थान पर मौजूद भारतीय जोड़ी ने टूर्नामेंट में तीन वरीय जोड़ियों को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। त्रिसा ने मैच के बाद माना कि दूसरे गेम के दूसरे हिस्से में हुई कुछ गलतियों का असर उनके आत्मविश्वास पर पड़ा। इसके बाद भारतीय जोड़ी जरूरत से ज्यादा डिफेंसिव हो गई, जिससे चीनी खिलाड़ियों को मैच में वापसी का मौका मिला।
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2011 के बाद भारत को महिला डबल्स में पदक

त्रिसा जॉली-गायत्री गोपीचंद के कांस्य पदक ने महिला डबल्स में भारत के 15 साल के इंतजार को खत्म कर दिया। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने World Championships में भारत के लिए महिला डबल्स का पदक जीता था। इस बार त्रिसा-गायत्री ने कम टूर्नामेंट खेलने के बावजूद World Championship में शानदार प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल तक पहुंचने के दौरान मिली जीत ने उन्हें भारतीय बैडमिंटन के सबसे चर्चित डबल्स प्रदर्शन में शामिल कर दिया है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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