Uttarakhand

दिल्ली में राष्ट्रीय मंच पर चमकी उत्तराखंड शिक्षा की तस्वीर, मंत्री ने बताई भविष्य की प्लानिंग

राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए सुझाव, समग्र शिक्षा अभियान में किए जा रहे नवाचारों व शिक्षा सुधारों को प्रमुखता से किया पेश

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 24 जुलाई 2026ः

नई दिल्ली में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने सुझाव दिए। साथ ही उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान के तहत किए जा रहे नवाचारों और शिक्षा सुधारों को प्रमुखता से रखा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड में क्लस्टर स्कूलों के विकास, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र के समक्ष कई सुझाव भी रखे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग सभी विद्यालयों में भवन, पेयजल, बिजली, फर्नीचर और बालिका शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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उन्होंने कहा कि अधिकांश विद्यालयों में पुस्तकालय व दिव्यांग छात्रों की सुविधा के लिए रैंप भी बनाए गए हैं। समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य में 1238 क्लस्टर स्कूल, 1367 स्मार्ट कक्षाएं और 1340 वर्चुअल कक्षाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही कौशल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य का लक्ष्य माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत तक पहुंचाना है। वर्तमान में यह माध्यमिक स्तर पर 93.4 प्रतिशत व उच्च माध्यमिक स्तर पर 80.2 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य कक्षा 12 तक प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम एक कौशल में दक्ष बनाना है, जिसके लिए एक हजार से अधिक विद्यालयों में कौशल आधारित शिक्षा संचालित की जा रही है। वहीं, डायट संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। एससीईआरटी के माध्यम से शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। छात्रों की अपार आईडी, बेहतर लर्निंग आउटकम और विद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की दिशा में भी कार्य जारी है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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