
गोरखपुर, 24 जुलाई 2026:
गोरखपुर में 70 वर्षीय सराफा कारोबारी की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक 10वीं में पढ़ने वाले 19 वर्षीय छात्र ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर कारोबारी की हत्या की। आरोप है कि छात्र ने कारोबारी से एक लाख रुपये उधार लिए थे। रकम लौटानी न पड़े, इसलिए उसने पहले उन्हें बाइक पर बैठाया, फिर भगवान राम के दर्शन कराने का बहाना बनाकर सुनसान जगह ले गया और चाकू से हमला कर दिया। हत्या के बाद शव को करीब 500 मीटर तक घसीटकर राप्ती नदी में फेंक दिया गया।

पुराने परिचय का उठाया फायदा
बांसगांव क्षेत्र के धस्का भटास गांव निवासी रामलाल वर्मा की कटरा मलांव में सोने-चांदी की दुकान थी। आरोपी प्रिंस का उनसे पुराना परिचय था। वह कई बार रामलाल को बाइक से दुकान तक छोड़ने और वापस घर पहुंचाने का काम भी करता था। इसी वजह से कारोबारी को उस पर भरोसा था और परिवार भी उसे जानता था। बुधवार सुबह रामलाल रोज की तरह घर से दुकान के लिए निकले। कसिहार ऑटो स्टैंड पर पहले से मौजूद प्रिंस ने उन्हें दुकान तक छोड़ने की बात कही। भरोसे में आकर रामलाल उसकी बाइक पर बैठ गए।
मंदिर ले जाने के बहाने सुनसान जगह पहुंचाया
रास्ते में प्रिंस ने अपने ममेरे भाई अंशू को भी बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद दोनों आरोपी रामलाल को भगवान राम के दर्शन कराने की बात कहकर कनइल कसिहार बांध के पास स्थित मंदिर की ओर ले गए। वहां पहले से एक किशोर और प्रिंस का मौसेरा भाई दिव्यांश पांडेय मौजूद था। मौके पर पहुंचते ही अंशू ने पीछे से कारोबारी के दोनों हाथ पकड़ लिए। इसके बाद प्रिंस ने चाकू से उनकी गर्दन पर लगातार छह वार किए। गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को घसीटकर राप्ती नदी में फेंक दिया और फरार हो गए।
ग्रामीणों ने नदी में देखा शव
बुधवार शाम करीब पांच बजे ग्रामीणों ने राप्ती नदी में शव उतराता देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस, फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और शव बाहर निकलवाया। घटनास्थल से खून के निशान, शराब की बोतलें, पानी की बोतल और मृतक की चप्पल बरामद हुई। शिनाख्त के बाद दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में चाकू से हत्या की पुष्टि हुई।
बेटे ने जताई थी लूट की आशंका
मृतक के बेटे संजय वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनके पिता हमेशा सोने की चेन और अंगूठी पहनते थे। दुकान से आने-जाने के दौरान उनके पास सोने-चांदी के आभूषण और नकदी भी रहती थी, जो घटना के बाद गायब थी। इसी आधार पर परिवार ने लूट के बाद हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
100 CCTV कैमरों से मिला अहम सुराग
मामले की जांच में पुलिस और एसओजी टीम को लगाया गया। कौड़ीराम से कसिहार तक लगे करीब 100 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में रामलाल दो युवकों के साथ बाइक पर जाते दिखाई दिए। इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। गुरुवार रात पुलिस ने प्रिंस, उसके ममेरे भाई अंशू और एक किशोर को गिरफ्तार कर लिया। चौथे आरोपी दिव्यांश पांडेय की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।






