
प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 3 अगस्त 2026:
मलिहाबाद के कसमण्डी स्थित महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। सावन के पहले सोमवार को लाखन आर्मी के चीफ सूरज पासी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कसमण्डी पहुंचे। समर्थकों का कहना था कि वे किले के अंदर मौजूद विवादित मंदिर या मकबरे में जलाभिषेक करेंगे। इसके साथ ही अवध के अलग-अलग जिलों के पासी बहुल गांवों से लाई गई पवित्र मिट्टी भी वहां अर्पित की जानी थी।
पहले से सतर्क था प्रशासन, स्मृति द्वार पर लगा कड़ा पहरा
कार्यक्रम की जानकारी प्रशासन को पहले से थी। इसी वजह से कंसा पासी स्मृति द्वार के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर लाखन आर्मी के समर्थकों को वहीं रोक दिया गया। पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को किले की तरफ आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
विवादित स्थल पर फिलहाल किसी को नहीं मिलेगी इजाजत
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस स्थान को लेकर विवाद है, उसकी स्थिति पर अभी तक कोई अंतिम प्रशासनिक फैसला नहीं हुआ है। जब तक सक्षम स्तर से स्पष्ट आदेश जारी नहीं होते, तब तक वहां किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि या प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखा गया है।

स्मृति द्वार पर डटे रहे समर्थक, पुलिस करती रही निगरानी
पुलिस की रोक के बाद सूरज पासी अपने समर्थकों के साथ स्मृति द्वार के पास ही रुके रहे। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए रही। प्रशासन का कहना है कि आगे की कार्रवाई केवल आधिकारिक आदेशों के आधार पर की जाएगी।






