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नशे के आदी लोगों को बेचता था नशीली दवा, 200 बोतल कोडीन सिरप के साथ ऐसे दबोचा गया आरोपी

उत्तराखंड में चलाया जा रहा 'ड्रग्स फ्री देवभूमि' अभियान, एसटीएफ, एएनटीएफ, औषधि विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई, अन्य लोगों के भी इस कारोबार से जुड़े होने की मिली जानकारी

राजकिशोर तिवारी

हरिद्वार, 4 अगस्त 2026ः

उत्तराखंड में ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, औषधि विभाग और ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया। टीम ने आरोपी के आवास, फ्लैट और कार से 200 बोतल प्रतिबंधित कोडीन सिरप बरामद की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी नशे के आदी लोगों को यह सिरप बेचता था। इससे पहले भी कई बार इस सिरप की खेप पकड़ी जा चुकी है।

पुलिस के अनुसार सोमवार रात हरिद्वार में मेडिकल स्टोरों की जांच के दौरान एसटीएफ को सूचना मिली कि सराय गांव स्थित वैभव मेडिकल स्टोर का संचालक आकाश छाबड़ा अपने घर पर अवैध रूप से कोडीन युक्त सिरप का भंडारण कर रहा है। सूचना मिलते ही एसटीएफ, औषधि विभाग और ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी के आवास, फ्लैट और उसकी कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान दो पेटियों में रखी 200 बोतल सिरप बरामद हुई। पुलिस ने जब सिरप के खरीद, बिक्री और भंडारण से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई अभिलेख नहीं दिखा सका।

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पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नशे के आदी लोगों को फुटकर में यह सिरप बेचकर कमाई करता था। पुलिस को नशीले सिरप की सप्लाई करने वाले कुछ अन्य लोगों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी आकाश छाबड़ा (23 वर्षीय) आर्य नगर का रहने वाला है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

बता दें कि इससे पहले एक जुलाई को एसटीएफ, एएनटीएफ और औषधि विभाग ने हरिद्वार के कलियर क्षेत्र में एक कॉस्मेटिक एवं जनरल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान व्यावसायिक मात्रा में कोडीन युक्त सिरप (करीब 3.9 किलोग्राम) और ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए थे। जांच में आरोपी के तार पहले पकड़ी गई 18,000 ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप से भी जुड़े पाए गए थे।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने फरवरी 2026 में मानकों के उल्लंघन और दुरुपयोग की आशंका के चलते देहरादून में एक दवा कंपनी का कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माण का लाइसेंस निलंबित किया गया था। इसके बाद पूरे प्रदेश में मेडिकल स्टोरों और दवा आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी बढ़ाई गई।

22 अप्रैल 2025 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हरिद्वार की एक फार्मा कंपनी के गोदाम पर छापा मारकर 11,000 से अधिक कोडीन युक्त कफ सिरप की बोतलें और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए थे। इस मामले ने प्रदेश में दवाओं की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया था।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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