
लखनऊ, 12 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में कथित तौर पर हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट से जुड़े मामले में करीब एक साल से फरार चल रही उज्बेकिस्तान निवासी लोला कायूमोवा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने मंगलवार रात उसे विभूतिखंड स्थित मैक्स अस्पताल के पास ओमेक्स आर-2 बिल्डिंग से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक लोला पर दो उज्बेकिस्तानी युवतियों को अवैध तरीके से लखनऊ में ठहराने और पिछले साल सामने आए मामले में शामिल होने का आरोप है।

एडीसीपी दक्षिणी आर वसंथ कुमार के मुताबिक लोला के बारे में जानकारी फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) को दे दी गई है। उसके पास से मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पूछताछ में सामने आया कि उसका पासपोर्ट और वीजा कई साल पहले ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद वह लखनऊ समेत अन्य शहरों में छिपकर रह रही थी। पुलिस ने खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया है।
जवान दिखने के लिए कई कराई प्लास्टिक सर्जरी
जांच में यह भी सामने आया है कि लोला ने कथित तौर पर लंबे समय तक जवान दिखने के लिए कई प्लास्टिक सर्जरी कराई थीं। पुलिस छानबीन के अनुसार चेहरे, होंठ, अंडरआर्म्स और निजी अंगों समेत अलग-अलग हिस्सों की करीब सात बार सर्जरी कराई गई। ये सर्जरी अहिमामऊ और गोमतीनगर के पत्रकारपुरम स्थित मिनर्वा क्लीनिक के डॉ. विवेक गुप्ता से कराए जाने की बात सामने आई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसने प्लास्टिक सर्जरी के जरिए अपनी पहचान बदलने की कोशिश तो नहीं की।

गत वर्ष 20 जून को खुला था मामला
गत वर्ष 20 जून को सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और FRRO की टीम ने एक फ्लैट पर छापा मारकर उज्बेकिस्तान की नीलोफर और होलिड़ा को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास वैध पासपोर्ट और वीजा दस्तावेज नहीं मिले थे। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि उन्हें लोला ने लखनऊ में ठहराया था। पुलिस के पहुंचने के समय लोला भी वहां मौजूद थी लेकिन वह मौके से फरार हो गई थी। बाद में उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।

पूछताछ में दोनों महिलाओं ने प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता और त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा का नाम भी लिया था। उनका दावा था कि लोला के जरिये उनकी डॉक्टर से मुलाकात हुई और उनकी प्लास्टिक सर्जरी कराई गई। दोनों महिलाएं न्यू हजरतगंज के एक फ्लैट में रह रही थीं और करीब दो साल पहले पासपोर्ट-वीजा संबंधी दस्तावेज खोने की बात कही थी।
पुलिस अब लोला के भारत में रहने, उसके संपर्कों, कथित रैकेट और पहचान बदलने के प्रयासों की कड़ियां जोड़ रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे उज्बेकिस्तान भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।






