
लखनऊ, 13 अगस्त 2026:
यूपी की सियासत में बहुजन समाज पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक झटका देते हुए अपनी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ ‘अंटू मिश्रा’ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अंटू मिश्रा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की बात कही।
मायावती ने अपने संदेश में कहा कि यूपी में चुनावी माहौल गर्म है और पार्टी के सभी स्तर के नेताओं व कार्यकर्ताओं को विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद जैसे हथकंडों से सावधान रहना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ बसपा के अंबेडकरवादी मिशन को आगामी विधानसभा चुनाव में सफल बनाने के लिए जुटने की अपील की।

अंटू मिश्रा के निष्कासन के बाद सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वह पिछले कुछ समय से बसपा की सक्रिय गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे। दूसरे दलों के नेताओं के संपर्क में होने और भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। हालांकि, उनके भाजपा में शामिल होने से जुड़ी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। उनके खिलाफ राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले से जुड़े आरोपों का मामला भी राजनीतिक चर्चा का विषय रहा है।
गौरतलब है कि मायावती इससे पहले अपने समधी एवं आकाश आनंद के ससुर पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ तथा पार्टी नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को भी बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं। मायावती ने दोनों नेताओं की वापसी की संभावना भी खारिज कर दी थी। ऐसे में अंटू मिश्रा पर कार्रवाई को चुनाव से पहले बसपा के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।






