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धार्मिक और सामाजिक समर्पण का प्रतीक: निघासन श्रीरामलीला मेले का भूमि पूजन संपन्न

शिव ओम दिक्षित
लखीमपुर खीरी, 6 दिसम्बर 2024:

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के निघासन कस्बे में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्रीरामलीला मेले के भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम से किया गया। मुख्य अतिथि राजराजेश्वर सिंह और अन्य गणमान्य समाजसेवियों, व्यापार मंडल के सदस्यों, मेला पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय पत्रकारों की उपस्थिति में गायत्री मंत्रोच्चारण और हवन पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

यह मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है, बल्कि समाजसेवा के लिए भी विशेष रूप से पहचाना जाता है। मेले के माध्यम से स्कूली बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर उनकी प्रतिभा को निखारा जाता है। इसके साथ ही निर्धन परिवारों की 75 से अधिक कन्याओं का विवाह अब तक मेला समिति द्वारा संपन्न कराया जा चुका है।

भूमि पूजन कार्यक्रम का संचालन रविंद्र यादव ने किया, जबकि गायत्री मंत्रोच्चारण और हवन पूजन का नेतृत्व दयाशंकर मौर्य, इंदल पुजारी, और दूना देवी शक्तिपीठ के पुजारियों ने किया। मेले के दौरान दो दिवसीय गायत्री महायज्ञ, दोपहर में रामलीला, और रात को धार्मिक-ऐतिहासिक नाटकों का मंचन किया जाएगा। विशेष रूप से, जिस दिन सीता स्वयंवर और राम-सीता विवाह का मंचन होता है, उसी दिन निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाता है।

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मेला अध्यक्ष दयाशंकर मौर्य और मुख्य आयोजक प्रदीप गुप्ता सहित मेला समिति ने क्षेत्रीय समाजसेवियों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और पत्रकारों को तिलक लगाकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही।
निघासन श्रीरामलीला मेला, समाजसेवा और सांस्कृतिक चेतना का यह अनूठा संगम, हर साल की तरह इस बार भी समाज के हर वर्ग को जोड़ने और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हो रहा है।

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