
लखनऊ, 18 अगस्त 2026:
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) में काम कर रहे आउटसोर्स कार्मिकों के लिए योगी सरकार ने बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने जुलाई से इनके मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले का सीधा लाभ कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के तौर पर सेवाएं दे रहे कार्मिकों को मिलेगा। सरकार का दावा है कि मानदेय बढ़ने से इन कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ काम के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।
प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन निगम में आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में सालाना 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसके तहत जनवरी में 5 प्रतिशत और जुलाई में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई से बढ़ा हुआ मानदेय लागू किया गया है।
249 कंप्यूटर ऑपरेटरों की बढ़ेगी आमदनी
सरकारी फैसले से परिवहन निगम में कार्यरत 249 कंप्यूटर ऑपरेटरों को फायदा मिलेगा। इनका मानदेय करीब 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये तक हो जाएगा। वहीं 35 लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। वरिष्ठता के आधार पर इनका मानदेय करीब 20 हजार से 26 हजार रुपये तक होगा। इसके अलावा परिवहन निगम में तैनात 26 प्रोग्रामरों को भी बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। इनका मानदेय करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये तक पहुंच जाएगा।
मंत्री ने कहा कि परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिकों की भूमिका अहम है। ऐसे में नियमित मानदेय वृद्धि से उन्हें आर्थिक संबल मिलने के साथ कार्य के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता भी बढ़ेगी। सरकार के इस फैसले को आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






