
लखनऊ, 13 अगस्त 2026:
झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। लखनऊ महानगर इकाई से जुड़े छात्र हजरतगंज स्थित जीपीओ के पास गांधी प्रतिमा पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग की। इसके बाद छात्रों ने हजरतगंज चौराहे पर हेमंत सोरेन का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में सरकार विरोधी स्लोगन लिखी तख्तियां थीं। इनमें ‘भ्रष्टतंत्र की सरकार को धूल चटाएंगे, छात्रों को न्याय दिलाएंगे’, ‘छात्र शक्ति-राष्ट्र शक्ति’, ‘अन्याय के खिलाफ, हम हैं साथ’ और ‘झारखंड सरकार शर्म करो, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो’ जैसे नारे लिखे थे।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इन मुद्दों को लेकर छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कथित तौर पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया। छात्रों ने परीक्षा में धांधली की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और प्रभावित छात्रों को न्याय देने की मांग की।
‘इंडी गठबंधन की सरकार है, इसलिए चुप हैं विपक्षी नेता’
प्रदर्शनकारियों ने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी, अखिलेश यादव, डिंपल यादव और चंद्रशेखर आजाद पर भी निशाना साधा। छात्रों का आरोप था कि झारखंड में इंडी गठबंधन की सरकार होने के कारण विपक्षी नेता छात्रों के आंदोलन पर चुप हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जंतर-मंतर के प्रदर्शनों में पहुंचने वाले नेता झारखंड में छात्रों के समर्थन में क्यों नहीं आए?

‘लाठीचार्ज की जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी’
ABVP लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष आदर्श मिश्रा ने कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जिम्मेदारी झारखंड सरकार को लेनी होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रहेगा।






