
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 14 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का आंदोलन अब सड़क तक पहुंच गया है। घोषणा के बावजूद 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ न मिलने और नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनकारी पिछले करीब 60 दिनों से शहीद स्मारक पर अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने शुक्रवार को अनूठे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। मीडिया से बातचीत से पहले उन्होंने सड़क पर भीख मांगकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए नाराजगी जताई।
राज्य आंदोलनकारी मंच के संयोजक अंबुज शर्मा ने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए घोषित 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ अभी भी सभी पात्रों को नहीं मिल पाया है। कई आंदोलनकारी नियुक्ति व नियुक्ति-संस्तुति और चिह्नीकरण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वर्ष 2021 से लंबित चिह्नीकरण के मामलों का निस्तारण नहीं होने पर आंदोलनकारियों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

आंदोलनकारियों ने मांग की कि शासनादेशों और पुराने सरकारी आदेशों के अनुपालन की समीक्षा कराई जाए और लंबित मामलों की विभागवार सूची सार्वजनिक की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि पात्र आंदोलनकारियों के नियुक्ति एवं नियुक्ति संस्तुति से जुड़े मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए। चेतावनी दी गई कि सात दिन में ठोस और लिखित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कहा कि उनका संघर्ष लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से जारी रहेगा।






