
योगेंद्र मलिक
हरिद्वार, 2 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड की धामी सरकार शिक्षा व्यवस्था को हाईटेक और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ज्वालापुर व राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कनखल का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, मिड-डे मील की गुणवत्ता, स्वच्छता और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं की हकीकत देखी। डीएम ने क्लास में शिक्षक बनकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्हें पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछकर उनके ज्ञान की परीक्षा ली। साथ ही बच्चों से भोजन की क्वालिटी के संबंध में भी जानकारी ली।

डीएम ने कहा कि जनपद के प्रत्येक शिक्षण संस्थान में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से विद्यालयों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। शिक्षकों को पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना चाहिए। निर्देश दिए कि बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने बच्चों के भोजन में हरी सब्जी शामिल करने के भी निर्देश दिए। सभी विद्यालयों में स्वच्छ व पौष्टिक भोजन निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध कराया जाए। डीएम ने प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों के संबंध में जानकारी ली। प्रधान अध्यापक सरिता रानी चौधरी ने बताया कि विद्यालय में 334 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं और आज 204 मौजूद है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में 12 शिक्षक कार्यरत है और एक शिक्षक प्रमुद अहमद 4 फरवरी 2025 से अनुपस्थित चल रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों को समय-समय पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि जहां-जहां भी विद्यालयों में कमियां चिह्नित की जा रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर कराया जाएगा। पुराने विद्यालय भवनों की मरम्मत व रखरखाव के कार्यों को सीएसआर के माध्यम से भी कराने की कार्ययोजना बनाई जाएगी, जिससे विद्यालयों का आधारभूत ढांचा और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी लगातार जारी रहेगी।







