Uttarakhand

सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार का बड़ा कदम, रिक्त पदों पर भर्ती से कल्याण कोष तक पर बनी सहमति

उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना की पहल, पंचायती राज निदेशालय में हुई बैठक, सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, आयोग के सदस्य व नगर निकायों के आयुक्त हुए शामिल

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 19 अगस्त 2026ः

उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना की पहल पर बुधवार को पंचायती राज निदेशालय, आईटी पार्क में हुई बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में नगर निकायों में रिक्त पदों पर भर्ती, नए स्थायी पदों का सृजन, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष की स्थापना को लेकर कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।

सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, आयोग के सदस्य, नगर निकायों के आयुक्त और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि शहरी क्षेत्रों की बढ़ती आबादी और नगर निकायों के विस्तारित क्षेत्रफल को देखते हुए पर्यावरण मित्रों और पर्यवेक्षकों के नए स्थायी पद सृजित किए जाने जरूरी हैं। उन्होंने समाप्त किए गए पदों को बहाल करने और नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती कराने की मांग रखी।

ये भी पढ़ें:

सफाई कर्मचारियों को समान वेतन देने की मांग

उन्होंने मोहल्ला स्वच्छता समितियों और आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपनल कार्मिकों की तर्ज पर समान वेतन देने की मांग की। साथ ही दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों में से विनियमितीकरण नियमावली 2025 के तहत 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग भी उठाई।

uttarakhand-sanitation-workers-recruitment-welfare-fund (2)

सफाई कार्य से ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, मयूर विहार में वाल्मीकि छात्रावास एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि आवंटित करने और नमस्ते योजना के तहत सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष, भूमि एवं आवास की सुविधा, कैशलेस उपचार और राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के स्थायी पदों का ढांचा स्वीकृत करने की मांग भी सामने रखी गई।

वेतन वृद्धि के साथ सुरक्षा पर जोर

सचिव ने कहा कि सफाई कर्मचारी निकायों की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पद सृजन समेत शासन स्तर से जुड़े मामलों को उच्च स्तर पर रखा जाएगा। सफाई कर्मचारियों के वेतन बैंड को एक इंडेक्स से जोड़कर अन्य कार्मिकों की तरह वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने नगर आयुक्तों को आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने को कहा। उपकरणों की कमी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

तीन माह में गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश

सचिव ने प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईएसआई और पीएफ का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल समिति गठित करने को कहा। नगर निकायों को अगले तीन माह में विशेष शिविर लगाकर सभी सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक कर्मचारी का वर्ष में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराने और बीमारी की स्थिति में समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने को भी कहा गया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द ही कल्याण कोष स्थापित किया जाएगा। बैठक में विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ये भी पढ़ें  उत्तरकाशी के दूरदराज इलाकों तक विकास पहुंचाने पर धामी का फोकस, प्रतिनिधिमंडल ने रखीं मांगें

Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link