Uttarakhand

पूर्व सैनिकों के बीच पहुंचे नबिन, कहा… उत्तराखंड देवों के साथ वीरों की भूमि भी, युवा जानें सीमाओं की मुश्किलें

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गौरव सेनानी मिलन समारोह में सैनिकों को किया नमन, वन रैंक वन पेंशन से लेकर सीमांत गांवों के विकास तक सरकार के फैसलों का जिक्र, युवाओं को सीमा की वास्तविक स्थिति दिखाने के लिए सरहद दर्शन को शिक्षा से जोड़ने पर जोर

राजकिशोर तिवारी

हल्द्वानी, 10 सितंबर 2026:

उत्तराखंड के हल्द्वानी में गुरुवार को गौरव सेनानी मिलन समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबिन ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि देश की सुख-शांति व आजादी के पीछे सीमा पर तैनात सैनिकों की सबसे बड़ी भूमिका है। सैनिक सेवा से रिटायर हो सकता है, लेकिन उसका राष्ट्रप्रेम, जज्बा व देशसेवा की भावना कभी रिटायर नहीं होती। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि इस राज्य ने देश को अदम्य साहस वाले सैनिक व सैन्य अधिकारी दिए हैं।

सैनिकों के सम्मान को सरकार ने दी प्राथमिकता

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नितिन नबिन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सैनिकों के सम्मान व अधिकारों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। 46 साल से लंबित वन रैंक वन पेंशन को लागू किया गया। सीमांत इलाकों को लेकर भी सोच में बदलाव आया है। अब सीमांत गांवों को देश का अंतिम गांव कहने के बजाय प्रथम गांव के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

त्योहारों पर सैनिकों के बीच पहुंचते हैं पीएम

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीपावली व होली जैसे त्योहार सैनिकों के बीच जाकर मनाते हैं। उन्होंने इसे सैनिकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में जुटे जवानों के सम्मान व उनके अधिकारों को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है।

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लाल चौक से सीमाओं तक बदली सुरक्षा की तस्वीर

नितिन नबिन ने कहा कि 2014 के बाद देश की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है। लाल चौक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज वहां तिरंगा शान से लहरा रहा है। सीमावर्ती इलाकों में सड़क सहित दूसरे बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है। इससे सैनिकों की आवाजाही आसान हुई है, साथ ही सीमा सुरक्षा को मजबूती मिली है।

1.78 लाख करोड़ तक पहुंचा रक्षा उत्पादन

उन्होंने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन व रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक देश में रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये हो गया है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम ऑलवेदर रोड, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक व देहरादून में निर्माणाधीन सैन्य धाम का जिक्र करते हुए उन्होंने इन्हें सैनिकों के सम्मान से जुड़े अहम काम बताया।

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युवाओं को सरहद की हकीकत दिखाने पर जोर

नितिन नबिन ने कहा कि सैनिक परिवारों के युवाओं को सैन्य जीवन व सीमा की परिस्थितियों की जानकारी रहती है, लेकिन देश के दूसरे युवाओं को भी सरहद की वास्तविक स्थिति समझने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने सरहद दर्शन जैसे कार्यक्रमों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की जरूरत बताई। इससे युवाओं को सीमा पर तैनात सैनिकों की मुश्किल परिस्थितियों व देश की सुरक्षा के महत्व को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

सीएम धामी संग मंदिर में पूजा के बाद शहीद स्मारक पहुंचे

सम्मेलन से पहले नितिन नबिन ने बेरीपड़ाव स्थित अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद शहीद स्मारक पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। हल्दूचौड़ बूथ अध्यक्ष राकेश चंद्र आर्य के आवास पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा भी की।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक व पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पूरे कार्यक्रम में भारत माता की जय वंदे मातरम का उद्घोष गूंजता रहा।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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