
लखनऊ, 23 अगस्त 2026:
देश-दुनिया में किडनी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर को अपनी गिरफ्त में लेती है। सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षण आसानी से नजर नहीं आते। जब तक व्यक्ति को बीमारी की गंभीरता का एहसास होता है तब तक किडनी की कार्यक्षमता काफी प्रभावित हो चुकी होती है। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के बढ़ते मामलों के बीच किडनी को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है।
ये चीजें किडनी को पहुंचा सकती हैं नुकसान
लखनऊ के प्रतिष्ठित अस्पताल डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) की नेफ्रोलॉजी प्रोफेसर डॉ. नम्रता राव ने रविवार को एक कार्यक्रम में लोगों को किडनी की सेहत के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, असंतुलित खानपान और दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की गोलियां लेने से बचने की सलाह दी।

डॉ. राव के मुताबिक किडनी जब शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में प्रभावी नहीं रहती तो स्थिति गंभीर होने लगती है। कई मरीजों को डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
टखनों और पैरों में सूजन, लगातार थकान व कमजोरी, पेशाब के रंग में बदलाव, पेशाब की मात्रा कम होना, भूख न लगना और बार-बार उल्टी जैसा महसूस होना किडनी की समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पानी, संतुलित आहार और नियमित जांच जरूरी
डॉ. राव ने पर्याप्त पानी पीने, नियमित व्यायाम करने और तनाव कम करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि व्यक्ति को सामान्य तौर पर प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीने की आदत रखनी चाहिए, हालांकि पानी की मात्रा व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर से तय करनी चाहिए। उन्होंने संतुलित आहार लेने और जरूरत के मुताबिक प्रोटीन की मात्रा नियंत्रित रखने की बात कही।
किडनी फंक्शन टेस्ट और यूरिन की जांच कराने की सलाह
हरी सब्जियों के साथ नींबू पानी, नारियल पानी और ताजे फलों को आहार में शामिल करने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि किडनी की स्थिति के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों की मात्रा बदल सकती है, इसलिए मरीजों को डाइट डॉक्टर की सलाह से तय करनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से समय-समय पर किडनी फंक्शन टेस्ट और यूरिन की जांच कराने की अपील की। उनका कहना था कि समय रहते जांच, सही खानपान और जागरूक जीवनशैली अपनाकर किडनी को गंभीर नुकसान से बचाने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।






