
लखनऊ, 12 अगस्त 2026:
बैंक अधिकारियों के खिलाफ उनके आधिकारिक कार्यों, ऋण वसूली और सरफेसी कार्रवाई से जुड़ी आपराधिक शिकायतों को लेकर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (आयबॉक) ने यूपी सरकार से नई व्यवस्था लागू करने की मांग की है। आयबॉक के प्रदेश सचिव लक्ष्मण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हर जिले में जिला स्तरीय जांच समिति गठित करने का आग्रह किया, जो ऐसी शिकायतों की प्रारंभिक जांच करे।
आयबॉक का कहना है कि नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ऋण वसूली करने वाले बैंक अधिकारियों के खिलाफ कई बार दबाव बनाने या वसूली कार्रवाई रुकवाने के उद्देश्य से शिकायतें की जाती हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद अधिकारियों को पुलिस जांच और न्यायालय की प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है। संगठन के मुताबिक इसका सीधा असर ऋण वसूली की प्रक्रिया और बैंकिंग व्यवस्था पर पड़ता है।
प्रस्तावित जिला स्तरीय समिति में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। समिति शिकायत की प्रथम दृष्टया जांच कर यह तय करेगी कि मामला वास्तविक आपराधिक कृत्य से संबंधित है या बैंक की वैधानिक वसूली कार्रवाई को प्रभावित करने के उद्देश्य से शिकायत की गई है।
आयबॉक ने स्पष्ट किया कि वास्तविक शिकायतों की जांच में किसी तरह की बाधा नहीं होनी चाहिए लेकिन निराधार और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के जरिए बैंक अधिकारियों के उत्पीड़न पर रोक जरूरी है। संगठन का मानना है कि इससे ऋण वसूली में तेजी, वित्तीय अनुशासन और बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास मजबूत होगा।
यूनाइटेड फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि लक्ष्मण सिंह ने मांग संबंधी पत्र मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, एसएलबीसी और महानिदेशक संस्थागत वित्त विभाग को ई-मेल के जरिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।






