गाजियाबाद के सरकारी स्कूलों की मुरीद हुई दुनिया! 5 देशों के 70 अफसरों ने कक्षा में बैठकर देखा ‘निपुण भारत’
केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के दल ने 11 परिषदीय विद्यालयों में देखी कक्षा की पढ़ाई, नीति से लेकर बच्चों की सीख तक समझी पूरी प्रक्रिया, विद्यार्थियों, शिक्षकों, एआरपी और राज्य संसाधन समूह के अधिकारियों से किया संवाद

लखनऊ, 25 अगस्त 2025:
यूपी के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की बुनियादी पढ़ाई और सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन रहे हैं। निपुण भारत मिशन के तहत भारत के बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) सुधारों को समझने के लिए पांच देशों का करीब 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों यूपी के गाजियाबाद में है। प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालयों में पहुंचकर योजनाओं की जानकारी लेने के साथ कक्षाओं में बैठकर बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों की कार्यशैली को भी करीब से देखा।

23 से 27 अगस्त तक चल रहे सप्ताहभर के पीयर-लर्निंग इमर्शन कार्यक्रम में केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया। इन समूहों ने गाजियाबाद के नगर, राजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लॉकों के 11 परिषदीय विद्यालयों का भ्रमण किया।
कक्षा में पहुंचकर समझी बच्चों की सीख
विद्यालयों में प्रतिनिधियों ने कक्षाओं में चल रही शिक्षण अधिगम प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद कर यह समझने का प्रयास किया कि एफएलएन से जुड़े सुधार वास्तविक कक्षा में किस तरह दिखाई देते हैं। प्रधानाचार्यों, अकादमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी) और राज्य संसाधन समूह के अधिकारियों से भी बातचीत कर अकादमिक सहयोग और शिक्षकों को मिलने वाले मार्गदर्शन की जानकारी ली गई।
पाठ्यक्रम से लेकर आंकड़ों के इस्तेमाल तक चर्चा
विद्यालय भ्रमण के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा हुई। इसमें गाजियाबाद के डीएम, सीडीओ, बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी और राज्य संसाधन समूह के सदस्य शामिल हुए। चर्चा में पाठ्यक्रम, अध्ययन उद्देश्यों, संरचित शिक्षण-अधिगम सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग, आकलन और आंकड़ों के उपयोग जैसे विषय प्रमुख रहे। सुधारों को बड़े स्तर पर लागू करने में मिडिल टीयर की भूमिका पर भी विचार-विमर्श हुआ।
श्री कुमार सौरभ, मुख्य विकास अधिकारी गाजियाबाद के द्वारा विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल ने जनपद के विद्यालयों का भ्रमण कर निपुण भारत मिशन के अंतर्गत FLN शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया।@CMOfficeUP@ChiefSecyUP @CommissionerMe3 @dm_ghaziabad @UpRuralDev @InfoDeptUP pic.twitter.com/rzCk0TxMiz
— CDO Ghaziabad (@ChiefGhaziabad) August 24, 2026
दुनिया के सामने यूपी का जमीनी मॉडल
इस अंतरराष्ट्रीय दौरे का सबसे अहम पहलू यह रहा कि विदेशी प्रतिनिधियों ने निपुण भारत मिशन को केवल नीति और दस्तावेजों के स्तर पर नहीं समझा बल्कि ‘नीति से कक्षा तक’ उसके सफर को प्रत्यक्ष रूप से देखा। बच्चों और शिक्षकों से सीधे संवाद के जरिए उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि सुधारों का असर शिक्षण प्रक्रिया और बच्चों की सीख पर किस तरह पड़ रहा है। गाजियाबाद के परिषदीय विद्यालयों का यह दौरा उत्तर प्रदेश के एफएलएन सुधारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा सीख और अनुभव के मंच पर पहुंचाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।






