
लखनऊ, 26 अगस्त 2026:
यूपी के युवाओं को डिजिटल दौर के लिए तैयार करने की योगी सरकार की मुहिम को मंजूरी के बाद और रफ्तार मिल गई है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट की खरीद के प्रस्ताव को प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को क्रय आदेश जारी करने की अनुमति मिलने के साथ ही पात्र युवाओं तक निशुल्क टैबलेट पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार का फोकस युवाओं को टैबलेट बांटने तक सीमित नहीं है। इनके जरिए उन्हें शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। यह योजना पांच वर्ष के लिए लागू है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि इस योजना से केंद्र सरकार पर कोई अतिरिक्त व्यय भार नहीं पड़ेगा।
पढ़ाई से लेकर रोजगार तक डिजिटल मदद
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास सहित विभिन्न शिक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र युवाओं को निशुल्क टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम को डिजिटल माध्यम से आसानी से पूरा कर सकेंगे और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री व तकनीक आधारित प्रशिक्षण का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में युवाओं के लिए 25 लाख टैबलेट खरीद के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। pic.twitter.com/wnOS9wPXSi
— Government of UP (@UPGovt) August 25, 2026
टैबलेट युवाओं के लिए सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल करने, ऑनलाइन प्रशिक्षण लेने तथा रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच बनाने का माध्यम भी बनेगा। इससे खासकर उन विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों से जुड़ने में मदद मिलेगी जिन्हें पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की जरूरत है।
आईटीआई और स्किल ट्रेनिंग के युवाओं को भी फायदा
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट के इस निर्णय से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण और आईटीआई से जुड़े पंजीकृत कुशल युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल संसाधनों की आसान उपलब्धता से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ युवाओं की रोजगारपरक दक्षता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि तकनीकी रूप से सक्षम युवा न सिर्फ बेहतर रोजगार हासिल कर सकते हैं, बल्कि रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र के विस्तार में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इस तरह 25 लाख टैबलेट की खरीद का फैसला प्रदेश के युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के साथ उन्हें भविष्य की रोजगार जरूरतों के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।






