
लखनऊ, 31 अगस्त 2026:
यूपी में सरकारी नौकरी की आस में वर्षों से इंतजार कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है। सोमवार को बीटीसी, डीएलएड और टीईटी पास अभ्यर्थियों ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी अपनी मांग लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे और रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती शुरू करने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कुल 60,958 शिक्षक पद खाली हैं। इनमें शहरी क्षेत्रों में 12,075 और ग्रामीण क्षेत्रों में 48,883 पद रिक्त बताए गए हैं। उनका सवाल है कि जब सरकारी स्कूलों में हजारों पद खाली हैं तो इन पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया क्यों शुरू नहीं की जा रही है?
अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई पर पड़ रहा है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी। उनके मुताबिक प्राथमिक शिक्षक भर्ती शुरू होने से एक तरफ योग्य युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
वाराणसी से पहुंचे एक अभ्यर्थी ने कहा कि वह डिप्टी सीएम से नौकरी की गुहार लगाने आया है। उसका कहना था कि बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पात्र होने के बावजूद आखिर उन्हें भर्ती का अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा। उनके मुताबिक प्रदेश में करीब 20 लाख युवा शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।

वहीं अलीगढ़ से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि शिक्षा मंत्री उनके ही जनपद से हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याएं नहीं सुनी जा रही हैं। इसी कारण उन्हें अपनी मांग लेकर लखनऊ आना पड़ा। उन्होंने कहा कि परिवार वर्षों से नौकरी की उम्मीद लगाए बैठा है। एक व्यक्ति की नौकरी से पूरे परिवार की जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन बिना और देरी के जारी किया जाए और रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। उनका कहना है कि वर्षों से तैयारी कर रहे योग्य अभ्यर्थियों को सिर्फ इंतजार नहीं अब रोजगार का अवसर चाहिए।






