Lucknow CityUttar Pradesh

गन्ना किसानों के हक में अब ‘डिजिटल पहरा’, खेत से मिल तक हर गन्ना लदे वाहन की होगी LIVE निगरानी

24 घंटे GPS ट्रैकिंग से पकड़ी जाएगी गन्ना ढुलाई में हर हेराफेरी, कटाई के 24 घंटे में मिल पहुंचेगा गन्ना, सूखने से होने वाली वजन कटौती और किसानों के नुकसान पर लगेगा ब्रेक

लखनऊ, 1 सितंबर 2026:

यूपी के गन्ना किसानों के हितों की रक्षा और चीनी उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए योगी सरकार अब गन्ने की ढुलाई व्यवस्था पर डिजिटल शिकंजा कसने जा रही है। खेत से चीनी मिल तक गन्ने की यात्रा अब अधिकारियों की नजर से दूर नहीं रहेगी। क्रय केंद्रों से लेकर चीनी मिल गेट तक गन्ना ढोने वाले वाहनों की 24 घंटे GPS ट्रैकिंग की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके लिए केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से अधिकारी गन्ने से लदे वाहनों की आवाजाही पर रियल टाइम नजर रखेंगे।

प्रदेश की गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि विभाग गन्ना आपूर्ति श्रृंखला को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत गन्ने से लदे वाहनों की लाइव लोकेशन कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगी। इससे वाहन निर्धारित मार्ग से भटकता है, अनावश्यक रूप से रुकता है या रास्ते में किसी तरह की हेराफेरी होती है तो उसकी तत्काल निगरानी की जा सकेगी।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलने की उम्मीद है। दरअसल, खेत से कटने के बाद गन्ने को चीनी मिल तक पहुंचने में देरी होने पर धूप और हवा के कारण उसमें नमी कम होने लगती है। इससे गन्ने का प्राकृतिक वजन प्रभावित होता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। नई डिजिटल व्यवस्था के जरिए कटाई के बाद 24 घंटे के भीतर गन्ने की मिल तक आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

ये भी पढ़ें:

समयबद्ध परिवहन से गन्ने की ताजगी और वजन को बनाए रखने में मदद मिलेगी। यानी खेत से मिल तक की देरी जितनी कम होगी किसानों के गन्ने का वजन उतना ही सुरक्षित रहेगा। इससे वजन में होने वाली अनावश्यक कटौती और उससे जुड़े वित्तीय नुकसान पर भी अंकुश लग सकेगा।
up-sugarcane-gps-vehicle-tracking-system-vts-farmers-sugar-mill-delivery (2)

Advertisement

सरकार की इस पहल को गन्ना आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने वाला बड़ा बदलाव माना जा रहा है। GPS की नजर में आने के बाद गन्ना ढुलाई के दौरान वाहन की हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे जवाबदेही तय करना भी आसान होगा। यह व्यवस्था गन्ना परिवहन को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के साथ किसानों के हितों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

ये भी पढ़ें  लखनऊ: डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सौंपी पोषण पोटली, कहा...समाज व परिवार को मजबूत कर रहा मिशन शक्ति

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link