
लखनऊ, 1 सितंबर 2026:
रामनगरी अयोध्या में ‘मछली भोज’ को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई के लिए मंगलवार को लखनऊ सिविल कोर्ट का रुख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने उन पर अयोध्या में भगवान रामलला के दर्शन के बाद मछली खाने का झूठा आरोप लगाकर उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया।
अजय राय की ओर से उनके अधिवक्ता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। अब अदालत में दलील और जिरह के बाद यह तय होगा कि मामले में मुकदमा दर्ज किया जाए या प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया जाए।
अजय राय ने अपने प्रार्थना पत्र में 23 अगस्त की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद के आमंत्रण पर वह अयोध्या में निषाद समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सभा के बाद निषाद समाज के लोगों ने अपनी परंपरा के अनुसार मत्स्य भोज का आयोजन किया था।
उनका दावा है कि वह कार्यक्रम स्थल से निकल चुके थे जिसके बाद भोज की तस्वीरें खींची गईं।
अजय राय के मुताबिक इन्हीं तस्वीरों को आधार बनाकर 24 अगस्त को रायबरेली की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके बारे में यह बात कही कि उन्होंने पहले रामलला के दर्शन किए और फिर मछली खाई। राय का आरोप है कि यह बयान सोशल मीडिया, टीवी और अखबारों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा, जिससे उनकी सामाजिक, पारिवारिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
पहले खुला पत्र, अब अदालत का दरवाजा
इस विवाद को लेकर अजय राय पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने खुद को शाकाहारी बताते हुए आरोपों को निराधार बताया था। राय का कहना है कि निषाद समाज के निमंत्रण पर कार्यक्रम में जाना अलग बात है और वहां आयोजित भोज में शामिल होना अलग। उन्होंने कहा कि आयोजकों का यह तय करना उनका संवैधानिक अधिकार था कि वे भोज में क्या खाएं।





